बागपत। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शादी के बंधन में बंधने वाली बेटियों की शगुन की थाली तीन सप्ताह बाद भी खाली नजर आ रही है। जिनका शगुन भेजना अफसर भूल गये और शादी कराने वाली 143 बेटियां अभी भी खाते में 35 हजार रुपये आने का इंतजार कर रही है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत चमरावल रोड स्थित इंद्रदेव इंस्टीट्यूट के मैदान पर 15 दिसंबर को 143 बेटियों की शादी कराई गई थी। अधिकारियों ने बेटियों को आशीर्वाद दिया और उन्हें सामान भी दिया गया। जिसके बाद शगुन के रूप में मिलने वाले अनुदान के 35 हजार रुपये बेटियों के खातों में भेजने के लिए कहा गया, लेकिन तीन सप्ताह बीतने के बाद भी खाते में धनराशि नहीं भेजी गई। जिस पर बेटियों के परिवार वाले परेशान हैं और खाते में धनराशि आने का इंतजार कर रहे हैं। उधर अधिकारी फाइल तैयार होने से लेकर पीएफएमएस से भुगतान जल्द कराने की बात कह रहे हैं।
इस तरह से किया जाता है खर्च
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सरकार की तरफ से गरीब बेटियों की शादी में 51 हजार रुपये का खर्चा दिया जाता है। इसमें 35 हजार रुपये लाभार्थियों के खातों में भेजे जाते हैं जो शादी के बाद दो दिन में भेजे जाते हैं। 10 हजार रुपये शादी के सामान व छह हजार रुपये खानपान पर खर्च किए जाते है।
लाभार्थियों के परिजन बोले, शगुन अभी तक नहीं मिला
सूजरा गांव के ब्रजपाल ने बताया कि उसने अपनी बेटी की शादी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में की थी। जिसमें सामान मिल गया था, लेकिन शगुन की धनराशि 35 हजार रुपये अभी तक खाते में नहीं मिले। काठा गांव के सुनील ने भी बताया कि सामूहिक विवाह में शादी होने के बाद अभी तक उनके खाते में धनराशि नहीं भेजी गई।
वर्जन-
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम होने के बाद सभी के खाते में रुपये भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फाइल तैयार होने के बाद पीएफएमएस से खातों में धनराशि भेजी जा रही है। जल्द ही सभी का अनुदान भेज दिया जाएगा। - रश्मि यादव, जिला समाज कल्याण अधिकारी