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Baghpat News: श्री सिद्ध महामण्डल विधान में 256 अर्घ्य चढ़ाए

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फोटो संख्या 11
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बड़ौत। श्री 1008 पारसनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में चल रहे श्री सिद्ध चक्र महामण्डल विधान के छठे दिन शनिवार को 256 अर्घ्य चढ़ाए गए। सबसे पहले सौधर्म इंद्र संजय जैन ने श्री 1008 शांतिनाथ भगवान को पांडुकशीला पर विराजमान किया। इसके बाद पंडित सुनील शास्त्री टीकमगढ़ वालों ने पहले मंगलाष्टक का पाठ किया। साथ ही जल की शुद्धि कराई और चारों कोनो पर 4 कलश की स्थापना कराई। सभी इंद्र-इंद्राणियों की प्राशुक जल से शुद्धि कराई और इन्द्रों ने माथे पे तिलक लगाया। फिर प्राशुक जल से सौधर्म इंद्र ने श्रीजी का अभिषेक किया। इसके बाद कुबेर इंद्र अतुल जैन, सनत इंद्र विनय जैन, इशान इंद्र सविन जैन, यज्ञ नायक जयपाल जैन, महेंद्र जैन और अन्य सभी इन्द्रों ने भगवान का अभिषेक किया। इसके बाद शांतिनाथ भगवान की शांति धारा की गई। इसके तुरंत दैनिक पूजा शरू की गई। इसके अंतर्गत श्री शांतिनाथ, नंदीश्वर दीप, पंचमेरु, देवशास्त्र गुरु पारसनाथ भगवान और अन्य पूजा की गई। सौधर्म इंद्र और सभी इंद्र इंद्राणियों ने श्रीजी की भक्ति में जमकर नृत्य किया। मन्दिर परिसर श्रीजी के जयकारों से गूंज उठा। इस अवसर पर पंडित सुनील शास्त्री टीकम गढ़ ने कहा कि मनुष्य को मंदिर आकर प्रतिदिन अभिषेक पूजन करना चाहिए। किसी से ईर्ष्या नहीं करनी चाहिए। धर्म में आस्था रखनी चाहिए। क्रोध को कम करना चाहिए, उसके बाद सिद्धचक्र महामण्डल विधान शुरू हुआ। इसमें 256 अर्घ मांडले पर मंत्रोच्चारण के साथ समर्पित किये गए। मीडिया प्रभारी राजीव जैन ने बताया कि 2 जुलाई दिन रविवार को श्री सिद्धचक्र महामण्डल विधान के अंतर्गत 512 अर्घ चढ़ाये जाएंगे। कार्यक्रम को सफल बनाने में सतेंद्र जैन, नरेश चंद जैन, अनिल जैन, अदिश जैन, मुकेश जैन आदि शामिल रहे।
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