बागपत। विकास प्राधिकरण की महायोजना 2031 में बदलाव के बाद छह बिंदुओं पर दोबारा से आपत्तियां व सुझाव आने लगे हैं। इनके निस्तारण के बाद रिपोर्ट शासन को भेजने पर काफी समय से अटकी महायोजना पर मुहर लगने की उम्मीद है। इससे अटके हुए बड़े नक्शे भी जारी होने की उम्मीद जताई जा रही है।
बागपत-बड़ौत-खेकड़ा विकास प्राधिकरण ने महायोजना-2031 का जून 2022 में ड्राफ्ट तैयार किया था। इस पर अगस्त 2022 के आखिर तक आपत्तियां व सुझाव मांगे गए थे। इसको लेकर 568 आपत्तियां मिली थी, जिन पर तभी सुनवाई करके निस्तारण कर दिया था। उसके बाद भी महायोजना आगे नहीं बढ़ सकी और उसमें सुझाव व आपत्तियों के आधार पर बदलाव किया गया। इसके बाद महायोजना का फाइनल ड्राफ्ट 26 सितंबर 2023 को मेरठ में कमिश्नर के सामने रखा गया। इसको मंजूरी जरूर मिल गई, लेकिन उसमें औद्योगिक क्षेत्र बढ़ाने के निर्देश दिए गए थे। इस तरह वहां से महायोजना में बदलाव करते हुए औद्योगिक क्षेत्र को खेकड़ा की तरफ बढ़ा दिया गया और उसे शासन में भेजा गया। मगर शासन स्तर की समिति ने उसमें सार्वजनिक परिवहन, खेल गतिविधियों, औद्योगिक क्षेत्र बढ़ाने के निर्देश दिए थे। इसकी रूपरेखा तैयार करने के बाद चुनाव खत्म होते ही 7 जून को मेरठ में कमिश्नर सेल्वा कुमारी जे की अध्यक्षता में विकास प्राधिकरण की बैठक की गई थी। इसमें महायोजना में किए गए बदलाव को लेकर आपत्ति व सुझाव लिए जाने को कहा गया था जो 19 जून से मिलने शुरू हो गए है। अभी चार-पांच आपत्ति व सुझाव आए है जो इस महीने के अंत तक लिए जाएंगे। उसके बाद उनका निस्तारण करके रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इससे महायोजना पर मुहर लग सके।
महायोजना में जिन जगहों पर बदलाव हुआ है। उसको लेकर आपत्ति व सुझाव आने शुरू हो गए हैं। इसका समय पूरा होने के बाद सुनवाई होगी और उसके बाद रिपोर्ट तैयार करके भेजी जाएगी। इससे महायोजना को मंजूरी मिल सके। - सुभाष सिंह, सचिव बागपत-बड़ौत-खेकड़ा विकास प्राधिकरण