-जैन स्थानक नया बाजार में बोल राजेंद्र मुनि
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बड़ौत। राजेंद्र मुनि महाराज ने कहा कि आजकल के बच्चे जैन मुनियों व अन्य धार्मिक लोगों से दूर रहते है। यह संस्कार की ही कमी है।
जैन मुनि रविवार को जैन स्थानक नया बाजार में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि आजकल बच्चे संतों, मुनियों से बचते हैं, खेलकूद को प्राथमिकता देते हैं। आज बच्चों को पढ़ाई में भी खेल कूद दिखाई देता है। कंप्यूटर दिखाई देता है, पर देखिए कमाल है यह एवंता है कि उसे खेल में भी इंद्रभूति गौतम दिखाई देते हैं। कहते हैं कि अंगुली पकड़कर पहुंचा पकड़ा जाता है, अवंता ने इंद्रभूति गौतम की अंगुली पकड़ी और भगवान महावीर तक पहुंच गया। भगवान महावीर स्वामी ने भी अकेले अवंता को धर्म उपदेश दिया। गुरुदेव ने अवंता का अर्थ सरलता बताया और आज अवंता बने सभी बच्चों को सरल शिष्ट व सभ्य बनने का पाठ पढ़ाया। इस दौरान गुरुदेव ने सभी को चार प्रत्याखान करवाए। 5 से 15 वर्ष तक के बच्चों को शिक्षित अनुशासित संस्कारित करें। भ्रूण हत्या न करने का संकल्प दिलाया। जैन बच्चों की शादी विवाह जैन संस्कार विधि से करवाने के लिए संकल्प कराया। सभा में अधिक संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने गुरुदेव के प्रवचनों को सुना और नियम पचखान किये। इस अवसर पर काफी संख्या मेें श्रद्धालु मौजूद रहे।