फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Baghpat News: विद्यालयों में नहीं प्रबंध समिति, 350 शिक्षकों की पदोन्नति अटकी

विज्ञापन
उमेश चौहान, जिलाध्यक्ष माध्यमिक शिक्षक संघ - फोटो : BAGHPAT
विज्ञापन
बागपत। जिले के विद्यालयों में सदस्यों के विवाद और अन्य कारणों के कारण कई साल से प्रबंध समिति का गठन नहीं हो सका है। जिससे इन विद्यालयों के लगभग साढ़े तीन सौ शिक्षकों को कई साल से पदोन्नति और चयन वेतनमान का लाभ नहीं मिल रहा है। विद्यालयों में विभाग की ओर से शिक्षकों का वेतन जारी करने के लिए प्रबंध संचालक नियुक्त किए गए है।
विज्ञापन

जिले में 71 वित्त विहीन माध्यमिक विद्यालय है। इनमें से 18 माध्यमिक विद्यालय ऐसे है, जिनमें सदस्यों के विवाद और कोर्ट केस होने के कारण प्रबंध समिति का गठन नहीं हो पाया है। विद्यालयों में प्रबंध समिति का गठन नहीं होने के कारण इन विद्यालयों में कई साल से कोई भी निर्माण कार्य नहीं हो पाए है और न ही शिक्षकों की पदोन्नति और चयन वेतनमान का लाभ मिल रहा है। शासन के निर्देश के बावजूद विद्यालयों के सदस्यों के आपसी विवाद के कारण प्रबंध समिति का गठन नहीं हो पाया है।
इन विद्यालयों में है प्रबंध संचालक तैनात
इंटरमीडिएट कॉलेज धनौरा सिल्वरनगर, आदर्श इंटर कालेज सिनौली, शाहमल स्मारक इंटर कॉलेज बिजरौल, महात्मा गांधी इंटर कॉलेज बड़ौत, आदर्श शिक्षा मंदिर इंटर कॉलेज किरठल, शास्त्री स्मारक इंटर कॉलेज शाहपुर पदड़ा, इंटरमीडिएट कालेज सरूरपुर कला, जनता इंटर कॉलेज निरोजपुर, जनता इंटर कॉलेज सूजरा, जवाहर कृषक इंटर कॉलेज धनौरा टीकरी, आदर्श इंटर कॉलेज दाहा, हजारीलाल मेमोरियल इंटर कॉलेज खैला, जनता इंटर कॉलेज लूंब, केएचआर इंटर कॉलेज खामपुर, आदर्श इंटर कॉलेज डौला, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरवाला, किसान इंटर कॉलेज मवींकला में प्रबंध समिति का गठन नहीं हुआ है।
विज्ञापन

शिक्षकों को उठानी पड़ रही परेशानी
शासन स्तर से विद्यालयों में प्रबंध समिति का चुनाव कराने के आदेश है, मगर कुछ विद्यालयों में आपसी विवाद के कारण समिति का गठन नहीं हो सका। - उमेश चौहान, जिलाध्यक्ष माध्यमिक शिक्षक संघ
शिक्षकों की पदोन्नति और चयन वेतनमान का लाभ प्रदान कराने के लिए प्रबंध समिति का गठन अनिवार्य है। प्रबंध समिति का गठन नहीं होने से निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहे है। - राजबीर सिंह, प्रधानाचार्य
कॉलेज में प्रबंध समिति का गठन न होने से पिछले तीन साल से पदोन्नति नहीं मिली है। इसके अलावा चयन वेतनमान का भी लाभ नहीं मिल रहा है। - अजय राज शर्मा, हिंदी प्रवक्ता
कुछ विद्यालयों में सदस्यों में आपसी विवाद है तो कुछ विद्यालयों के मामले कोर्ट में विचाराधीन होने के कारण प्रबंध समिति का गठन नहीं हो पाया है। इन विद्यालयों में प्रबंध संचालक नियुक्त किए गए है। - रवींद्र सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक

राजबीर सिंह, प्रधानाचार्य- फोटो : BAGHPAT

हिंदी प्रवक्ता अजय राज शर्मा- फोटो : BAGHPAT

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें