बड़ौत के बड़का गांव में गली में भरे गंदे पानी से निकलता युवक
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बड़ौत। बड़का गांव के ग्रामीण नारकीय जीवन जीने के लिए मजबूर हैं। गांव में निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है। न ही सफाई का किसी का ध्यान है। ग्रामीण कई बार विभागीय अफसरों से शिकायत कर चुके हैं परंतु सुनवाई नहीं हो रही है।
तहसील मुख्यालय से सात किलोमीटर दूर स्थित बड़का गांव की आबादी लगभग 8 हजार है। बावजूद इसके विभागीय अफसरों का गांव के विकास कार्यों पर कोई ध्यान नहीं है। जिस कारण ग्रामीणों को पानी निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण जलभराव से जूझना पड़ रहा है।
ये बोले ग्रामीण
गंदे पानी से होकर गुजरने को मजबूर
ग्रामीण सतीश का कहना है कि गांव में हर समय बिन बरसात जलभराव की स्थिति बनी रहती है। गांव के छोटे-छोटे बच्चों व महिलाओं सहित अन्य को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है।
सफाई की उचित व्यवस्था नहीं
मोतीलाल का कहना है कि गांव में सफाई की उचित व्यवस्था नहीं है। जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं, जिसकी दुर्गंध से लोगों को सांस लेने में दिक्कतें हो रही हैं।
समस्याओं का हल नहीं
अमित कुमार का कहना है कि इस संबंध में कई बार शिकायत की जा चुकी हैं, लेकिन कोई हल नहीं निकल रहा है।
ये बोली बीडीओ
इस संबंध में शिकायत प्राप्त हुई है। ग्राम सचिव और ग्राम प्रधान को समस्याओं का समाधान कराने के लिए निर्देशित किया जा चुका है।-ज्योति बाला, बीडीओ बड़ौत