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Baghpat News: न बस अड्डे का निर्माण शुरू हुआ और न मिल का विस्तारीकरण

Sat, 25 Mar 2023 01:10 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
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दुड़भा गांव में बस अड्डे के लिए चिन्हित जगह
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बागपत। भाजपा सरकार का शनिवार को एक साल पूरा हो गया है। लेकिन यहां चुनाव के दौरान जितने वादे हुए थे, उनमें से अधिकतर पूरे नहीं हो सके। जिला मुख्यालय पर न बस अड्डे का निर्माण शुरू हो सका है और न बागपत शुगर मिल का विस्तारीकरण हुआ। इस तरह ही बागपत की जनता की कई बड़ी समस्याएं है, जिनकी समाधान नहीं हो सका है।
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बस अड्डे के लिए जमीन तो मिली, निर्माण शुरू नहीं हुआ
बागपत में चमरावल रोड पर बस अड्डे के लिए डेढ़ साल पहले जमीन चिह्नित की गई थी और उसे परिवहन विभाग के नाम भी स्थानांतरित कर दिया गया था। उसके लिए करोड़ों का बजट भी मिल चुका है। बस अड्डे का निर्माण विधानसभा चुनाव के बाद कराए जाने के दावे किए जा रहे थे, लेकिन उसका निर्माण शुरू नहीं हो सका।


बागपत शुगर मिल का विस्तारीकरण नहीं हुआ
विधानसभा चुनाव के दौरान बागपत शुगर मिल का विस्तारीकरण कराने का हर किसी ने वादा किया था। गन्ना किसान सबसे ज्यादा होने के कारण यह बड़ी जरूरत है और इसके कारण किसानों की परेशानी हर साल बढ़ती जाती है। शुगर मिल का विस्तारीकरण अभी तक नहीं हो सका है।
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चमरावल रोड का चौड़ीकरण नहीं हो सका
बागपत को गाजियाबाद से जोडने वाले इस मार्ग से दिल्ली से सटे अधिकतर गांवों के गुजरते हैं। इस रोड की हालत काफी खराब है, चौड़ाई भी काफी कम है। चुनाव के दौरान चमरावल रोड का चौड़ीकरण भी बड़ा मुद्दा बनाया गया था, लेकिन पूरा साल बीतने के बाद भी इसपर कार्य शुरू नहीं हो सका। इसपर गड्ढे होने के कारण वाहन चालकों की परेशानी बढ़ी हुई है।

गन्ना भुगतान नहीं होने की समस्या बरकार
यहां सबसे ज्यादा गन्ना किसान है और परिवार का गुजारा करने के लिए गन्ना भुगतान पर निर्भर रहना पड़ता है। लेकिन शुगर मिलों से भुगतान नहीं होने के कारण किसानों को परेशानी से जूझना पड़ता है। यहां शुगर मिलों पर किसानों का डेढ़ सौ करोड़ रुपये बकाया है और इसमें सबसे ज्यादा मलकपुर मिल पर बकाया है। इस समस्या का समाधान भी कोई नहीं करा सका है। सरकार ने चुनाव के दौरान 14 दिन के भीतर गन्ना मूल्य भुगतान करने और उसके बाद ब्याज सहित भुगतान कराने का दावा किया था।

टांडा में यमुना पर पुल का निर्माण अधूरा
यमुना नदी पर यूपी व हरियाणा को जोडने के लिए टांडा गांव में 84 करोड़ रुपये से पुल का निर्माण चल रहा है। इस पुल का निर्माण एक साल पहले होना था। जिससे बागपत के साथ ही अन्य कई जिलों व राज्यों के लोगों को फायदा होगा। लेकिन एक साल देरी के बावजूद यह पुल नहीं बन सका है।

पुरामहादेव नहीं हो सका पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित
पुरा गांव के एतिहासिक परशुरामेश्वर महादेव मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की बात पिछले एक साल से कही जा रही है। यह माना जा रहा था कि चुनाव के बाद दोबारा सरकार बनेगी तो इसकी कार्रवाई में तेजी आएगी। यहां से इसके लिए 20 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भी भेजा जा चुका है, लेकिन उसके बावजूद इसपर कार्य शुरू नहीं हो सका।

खट्टा प्रहलादपुर में आईटीआई अभी तक नहीं बनी
खट्टा प्रहलादपुर में 10 कीरोड़ रुपये से आईटीआई का निर्माण कराया जा रहा है। इसका निर्माण पिछले कई साल से चल रहा है और पिछले साल ही निर्माण पूरा होना था। लेकिन इसका निर्माण पूरा नहीं हो सका। जिससे विद्यार्थियों को रोजगारपरक शिक्षा के लिए खेकड़ा या अन्य जगह जाना पड़ता है।

पाबला में महिला कालेज का निर्माण लटका
पाबला गांव में महिला डिग्री कालेज का 10 करोड़ की लागत से निर्माण हो रहा है, जो अधूरा पड़ा है। कालेज का निर्माण होने से छात्राओं को गांव में शिक्षा की सुविधा मिलेगी। इसलिए ही निर्माण तेजी से कराने की बात कही जाती है, लेकिन अभी जल्द इसका निर्माण नहीं होता दिख रहा है।

मीतली में स्टेडियम निर्माण अधूरा पड़ा
मीतली में तीन करोड़ से इंडोर स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है। जिसके पूरा होने से आसपास के गांवों के खिलाडिय़ों को बेहतर खेल सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। चुनाव के बाद इसमें तेजी आने की बात कही जा रही थी, लेकिन यह भी अभी तक पूरा नहीं हो सका।
 
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डौला में सीएचसी शुरू नहीं हुई
डौला में सीएचसी के भवन का निर्माण पूरा हो चुका है। स्वास्थ्य विभाग ने सीएचसी शुरु कराने के लिए एस्टीमेट भी तैयार कर लिया है। लेकिन स्टाफ नहीं मिलने के कारण सीएचसी भी शुरू नहीं हो सकी है। जिससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल रही है।

यूनिवर्सिटी बनने का मामला फाइलों में लटका
बड़ौत के जनता वैदिक डिग्री कालेज को यूनिवर्सिटी बनाने के लिए कई साल से प्रयास किया जा रहा है। जिसके लिए प्रक्रिया भी शुरू की गई और हर बार जल्द ही कालेज को यूनिवर्सिटी बनावाए जाने का वादा किया जाता है। लेकिन यह मामला भी फाइलों में लटका पड़ा है।

इंटर कालेज में पढने का सपना अधूरा
राजकीय इंटर कालेज सिंघावली अहीर के निर्माण को 4 करोड़ 18 लाख रुपये का बजट वर्ष 2019 में मंजूर हुआ था। इसके लिए आधा बजट जारी हुआ था और इसका निर्माण अधूरा पड़ा है। इस तरह की स्थिति बिलौचपुरा के इंटर कालेज की है। उसके लिए भी इतना ही बजट पास हुआ है और वहां भी आधा कार्य हो सका। इस तरह इंटर कालेज में पढने का सपना अभी अधूरा है।

प्रदेश में दूसरी बार भाजपा सरकार बनने पर विकास कार्य तेजी से कराए जा रहे है। जितने भी वादे किए गए है, वह सभी पूरे होंगे। उनमें मिल का विस्तारीकरण, चमरावल रोड का चौड़ीकरण, बस अड्डे का निर्माण सभी शामिल है। -योगेश धामा, विधायक बागपत

भाजपा सरकार में जितने कार्य हुए है, उतने कार्य कभी नहीं हुए। अब दूसरी बार सरकार बनने के बाद भी तेजी से कार्य कराए जा रहे है और सभी कार्य पूरे होंगे। -केपी मलिक, राज्यमंत्री
दुड़भा गांव में बस अड्डे के लिए चिन्हित जगह
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