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मजदूर यूनियन प्रतिनिधि व मिल प्रबंधन के बीच वार्ता विफल

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मलकपुर मिल में धरने पर बैठे कर्मचारी - फोटो : BARAUT
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बड़ौत। मलकपुर चीनी मिल में चल रही कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर बृहस्पतिवार को मेरठ के उप श्रमायुक्त कार्यालय पर मजदूर यूनियन के प्रतिनिधि व मिल प्रबंधन के बीच घंटों वार्ता हुई, लेकिन वार्ता के दौरान कोई सकारात्मक हल नहीं निकला। नतीजन बृहस्पतिवार को भी कर्मचारियों का आठवें दिन धरना जारी रहा।
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कर्मचारियों का कहना है कि कर्मचारियों और मिल प्रबंधन के बीच एक समझौता हुआ था जिसका पालन नहीं हुआ है। ऊपर से यूनियन के चार सदस्यों को मिल प्रबंधन द्वारा हटा दिया गया जिनकी बहाली भी अभी तक नहीं हो पाई है। कर्मचारियों ने बताया कि अगस्त माह का वेतन, वेतन वृद्धि एरियर के साथ देने का वादा था, लेकिन मिल प्रबंधन ने ऐसा नहीं किया। पांच से 10 साल पुराने लगभग 50-60 कर्मचारियों को ठेकेदारी के तहत डाल दिया गया जोकि लेबर कानून का उल्लंघन है। इसके अलावा मिल प्रबंधन ने कर्मचारियों पर किए गए मुकदमों को वापस लेने की बात कही थी। उधर, कर्मचारियों की हड़ताल के चलते आगामी 31 अक्तूबर से मिल सत्र शुरू होने पर संशय है। इस संबंध में मिल के अध्याशी विपिन चौधरी ने बताया कि हड़ताली मजदूरों की मेरठ उप श्रमायुक्त के साथ उनके कार्यालय में शुक्रवार को उनकी बैठक हुई। इस बैठक में कोई हल नहीं निकल पाया। मिल की तरफ से कर्मचारियों को काम पर लौटने के लिए कहा गया है और उनकी समस्या का जल्द से जल्द समाधान कराएं जाने का आश्वासन गया है, लेकिन कर्मचारी काम पर लौटने को तैयार नहीं है। 31 अक्तूबर से पेराई सत्र शुरू होना है। यदि कर्मचारी काम पर नहीं लौटते तो ऐसे में मिल चलाने के लिए अब उनके पास कोई वैकल्पिक व्यवस्था के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। उधर कर्मचारियों का कहना है कि अपनी मांग पूरी कराकर ही मिल में काम पर लौटेंगे। हड़ताल पर जाने वाले कर्मचारियों में यूनियन के अध्यक्ष नटवर सिंह, राजेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह, रविंद्र कुमार, मोहन कुमार, हरिमोहन, बलराम, सूरज बली आदि कर्मचारी मौजूद रहे।
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