बागपत। दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे खराब होने लगा तो एनएचएआई ने ठेकेदार से उसकी मरम्मत का कार्य शुरू कराया है। जिसके लिए सडक़ काफी जगह से उखाड़नी पड़ी और नेशनल हाईवे को वन-वे करना पड़ा। इससे वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ी।
दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे 709बी का निर्माण करीब तीन साल पहले हुआ था। इसके निर्माण पर करीब 1100 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। ठेकेदार ने नेशनल हाईवे निर्माण में काफी खामियां की हुईं थीं और सिसाना में सड़क का लेवल ठीक नहीं होने से वहां बारिश होते ही पानी भर जाता है। जिस पर संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने एनएचएआई को पत्र लिखा था और वहां से पाइप लाइन दकाई गई। इसके बावजूद वहां स्थिति ठीक नहीं है और बारिश में लगातार पानी भर रहा है।
वहीं अब नेशनल हाईवे तीन साल बाद ही खराब होने लगा है और इस कारण ही उसका मरम्मत कार्य शुरू कराया गया है। जिससे कलक्ट्रेट से बागपत तक कई जगह ठेकेदार ने सडक़ को उखाड़ दिया है। जिससे वहां दोबारा से सड़क बनाई जा सके। इसके लिए वाहनों का आवागमन बड़ौत से बागपत की तरफ वाली एक ओर रोका गया है और नेशनल हाईवे को वन-वे किया गया है।
- मैंने यहां आने के बाद नेशनल हाईवे 709बी का निरीक्षण किया था। उसमें काफी जगह समस्या मिली तो कंपनी को उसे ठीक करने के लिए किया गया। जब एनएचएआई से सडक़ की मरम्मत तक का पैसा दिया जाता है तो उसे बेहतर रखना चाहिए। कहा गया था कि सड़क की मरम्मत के दौरान गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। इसलिए ही सडक़ की परत उखाड़ी जा रही है। जिससे लोगों को भविष्य में कोई परेशानी नहीं हो। - प्रशांत कुमार, परियोजना निदेशक एनएचएआई