रटौल। गणतंत्र दिवस पर रटौल के फूलों की डिमांड बढ़ जाती है। गणतंत्र दिवस पर कस्बे के अलावा आस-पास के कई गांवों से भारी मात्रा में दिल्ली की मंडी में फूलों की आपूर्ति की जाती है। गणतंत्र दिवस पर फूलों की आपूर्ति करने के लिए किसान 15 दिन पहले से फूलों की आपूर्ति पर रोक लगा देते है।
कस्बे में लगभग दो सौ एकड़ से अधिक भूमि में गेंदा, जाफरी, चमेली रजनी गंधा, मोगरा, गुलाब खेती की जाती है। इसके अलावा विनयपुर, सर्फाबाद, ललियाना, मंसुरपुर गांव में भी किसान फूलों की खेती करते है। किसानों का कहना है कि नव वर्ष और गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में भारी मात्रा में फूलों की आपूर्ति की जाती है, जिससे किसानों को अच्छा मुनाफा मिलता है। दिल्ली में फूलों की आपूर्ति करने के लिए किसान गणतंत्र दिवस से 15 दिन पहले ही फूलों की तुड़ाई बंद कर देते है। किसानों का कहना है कि गणतंत्र दिवस पर फूलों की मांग अधिक बढ़ने के कारण किसानों को अच्छा मुनाफा मिलता है, जिससे किसानों को एक दिन में दो से तीन दिन कमाई का औसत निकल आता है।
इन फूलों की रहती है अधिक मांग
किसानों ने बताया कि गणतंत्र दिवस पर गुलाब, चमेली, मोगरा, रजनी गंधा, जाफरी फुलो की मांग बढ़ जाती है। कस्बे से रोजाना कई क्विंटल फूलों की आपूर्ति की जाती है। रजनी गंधा की एक कली 40 रुपये की बिकती है और अन्य फूलों के दाम भी अच्छे मिलते है।
गणतंत्र दिवस पर बढ़ जाती है फूलों की मांग
नव वर्ष और गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में फूलों की मांग अधिक बढ़ जाती है। फूलों की डिमांड बढने से ज्यादा मुनाफा मिलता है। -फुरकान
-गणतंत्र दिवस पर फूलों की मांग बढने से किसानों का दो दिन दो से तीन महीने का औसत निकल जाता है। किसान कई दिन पहले से तुड़ाई बंद कर देते है। -वसीम चौधरी