बागपत। राजनीति में वेस्ट यूपी की अलग पहचान है और नेता इससे गुरेज भी नहीं करते हैं। मगर वेस्ट यूपी की वकीलों से लेकर आम लोगों तक की बड़ी जरूरत हाईकोर्ट बेंच की मांग पूरी नहीं हुई है। वकील कहते हैं कि वह इसके लिए लगातार मांग भी कर रहे हैं और चुनाव के दौरान नेता उनकी आवाज को संसद में उठाने का आश्वासन भी देते हैं। चुनाव खत्म होते ही आवाज भी बंद हो जाती है।
लोकसभा चुनाव की चर्चा हर तरफ हो रही है। कचहरी परिसर में काफी वकील एक साथ बैठकर चुनावी चर्चा करते दिखाई दिए। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामकुमार तोमर कह रहे थे कि हाईकोर्ट बेंच की मांग काफी समय से उठाई जा रही है, मगर कोई भी सांसद हमारी मांग को संसद में मजबूती से नहीं रखता। देवेंद्र आर्य कहते हैं कि ऐसा सांसद होना चाहिए जो इस बार वकीलों की बात को संसद में रखे। वकील यूनुस खान ने कहा कि चुनाव में वोट मांगने के लिए सभी आ रहे हैं और वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच जरूरी भी बताते हैं, मगर समस्या का समाधान कोई नहीं कराता है। वकील विजयश्री कहती हैं कि यह केवल वकीलों ही नहीं बल्कि वादकारी चाहते है कि वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच बने। हाईकोर्ट जाने में उनको काफी खर्चा झेलना पड़ता है।
बार एसोसिएशन के महामंत्री कपिल डेढ़ा कहते है कि वकीलों की स्थानीय समस्याएं भी काफी है। चैंबरों की सुरक्षा, बिजली समेत अन्य समस्याओं का समाधान कराने वाला ही सांसद होना चाहिए। इस दौरान सुनील पंवार, अजित सिंह, राशिद तसलीम आदि ने भी अपनी बात रखी।
सांसद शिक्षित होना जरूरी है। वह तभी शिक्षा के लिए बेहतर सोच रख सकता है। हाईकोर्ट बेंच की मांग भी उठाई जानी जरूरी है। - रामअवतार शर्मा
सांसद अधिवक्ताओं की समस्या सुनने वाला हो। सांसद बनने के बाद वकीलों को दिल्ली जाना पड़ता है। वहां जाकर अपनी समस्या रखनी पड़ती है। जबकि सांसद को समय-समय पर वकीलों के बीच आना चाहिए। - पवन तिवारी
सांसद को वकीलों और जनता की समस्याओं पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उसे अधिवक्ताओं के साथ माह में एक बार वार्ता करनी चाहिए। जिससे वह अपनी व समाज की समस्याएं उनके सामने रख सके और उनका समाधान हो सके। - अर्जुन गिरि
सांसद को क्षेत्र में विकास कार्यों पर सबसे ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वह प्राथमिकता के कार्यों को देखे और उनको कराए। हर वर्ग की समस्याओं का ध्यान रखने वाला सांसद हो। - हरेंद्र तोमर