संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। मलकपुर चीनी मिल में चल रहा कर्मचारियों का धरना सोमवार को 19वें दिन भी जारी रहा। मिल प्रबंधन ने कर्मचारियों को बाहर कर गेट बंद कर दिए। इससे नाराज आंदोलित कर्मचारियों ने दूसरे कर्मियों को मिल में जाने से रोककर हंगामा किया।
दरअसल, चीनी मिल कर्मचारी यूनियन के बैनर तले कर्मचारियों ने विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल शुरू कर दी थी। सोमवार को जब कर्मचारी मिल पहुंचे तो वहां पीएसी, पुलिस व मिल गार्ड ने उन्हें रोक दिया। मिल गेट पर नोटिस भी चस्पा कर दिया था। इस पर लिखा था कि जो कर्मचारी मिल में कार्य कर रहे हैं। केवल उन्हीं को प्रवेश दिया जाएगा। आंदोलनकारियों का प्रवेश पूर्णतया वर्जित रहेगा। इस नोटिस को देख कर्मचारी भड़क गए और मिल गेट पर धरना देकर बैठ गए।
मिल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि कर्मचारियों और मिल प्रबंधन के बीच हुए समझौते का पालन नहीं हुआ है। अगस्त का वेतन, वेतन वृद्धि एरियर के साथ दिया जाएगा। मिल प्रबंधन ने ऐसा नहीं किया। इतना ही नहीं तानाशाही रवैया अपनाते हुए पांच से 10 साल पुराने लगभग 50-60 कर्मचारियों को ठेकेदारी के तहत डाल दिया। यह लेबर कानून का उल्लंघन है। इसके अतिरिक्त मिल प्रबंधन ने कर्मचारियों पर किए गए मुकदमों को वापस लेने की बात कही गई थी, लेकिन ऐसा अभी तक नहीं किया गया है।
मिल कर्मियों क ेधरने को 18 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक मिल प्रबंधन की ओर से किसी भी तरह की वार्ता कर्मचारियों के साथ नहीं की गई है। प्रदर्शनकारियों में यूनियन के अध्यक्ष नटवर सिंह, राजेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह, रवींद्र कुमार, मोहन कुमार, हरिमोहन, बलराम, सूरजबली आदि कर्मचारी मौजूद रहे।
वहीं, मिल यूनिट हेड वीपी सिंह का कहना है कि कुछ कर्मचारी ड्यूटी पर आ रहे हैं। कुछ हड़ताल पर हैं। बाकी पेराई सत्र शुरू होने पर आएंगे। अभी बातचीत से हल निकालने का प्रयास किया जा रहा है। उनका यह भी कहना है कि हड़ताल असंवैधानिक है और सत्र भी जल्द शुरू होने जा रहा है।