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Baghpat News: हॉपर कीट की चपेट में आम का बौर, फसल प्रभावित होने की आशंका

Fri, 31 Mar 2023 01:11 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
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बागपत, रटौल। बेमौसम बरसात के कारण तापमान में हुए उतार-चढ़ाव से आम की फसल हॉपर कीट की चपेट आ गई है। यह कीट आम के बौर से लेकर पेड़ की नई पत्तियों का भी रस चूस लेता है। कीट चिपचिपा पदार्थ छोड़ता है जिससे सूटी मोल्ड फंगस का प्रकोप बढ़ जाता है और छोटे छोटे फल नीचे गिर जाते हैं। कीट लगने से 40 फीसदी का नुकसान होने और गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है।
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आम की फसल पर हॉपर (मच्छर या फुनगा) लग जाता है। कीटनाशकों के छिड़काव के बावजूद कीट पर नियंत्रण नहीं हो पाया है। इस कीट पर नियंत्रण करने के लिए बागवान लाइट ट्रेप, नीम तेल, मित्र फफूंदी लेकानीसिलियम का प्रयोग करते हैं। इसके अलावा फसल को कीट से बचाने के लिए मेलाथियान 50 ईसी दो मिलीलीटर या डाईमेथोएट एक मिलीलीटर, या ब्यूप्रोकेनजीन 25 ईसी दो मिलीलीटर या इमीडाक्लोप्रिड 70 प्रतिशत की 0.1 मिलीलीटर मात्रा को एक लीटर पानी में घोलकर बनाकर छिडक़ाव करना चाहिए।

कीट लगने से प्रभावित होगा उत्पादन
- आम पर हॉपर कीट का प्रकोप अधिक है। कीट के लगने से उत्पादन के साथ आम की गुणवत्ता भी प्रभावित होगी। - लीलू चौधरी
- हॉपर कीट पर नियंत्रण के लिए आम के बाग में कीटनाशक का दो से तीन बार छिड़काव कराया चुका है। जिससे फसल की लागत बढ़ गई है। - हबीब चौहान
- हॉपर कीट आम के बौर एवं कोमल पत्तियों से रस चूसकर नुकसान पहुंचाता है। कीट के चिपचिपा पदार्थ बारिश के दिनों में आम को काला कर सकता है। - जुनैद फरीदी
- हॉपर कीट लाइलाज साबित हो रहा है। इस पर नियंत्रण नहीं हुआ तो किसानों को 40 प्रतिशत तक नुकसान उठाना पड़ सकता है। - मुजीब चौधरी
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वर्जन-तापमान के उतार चढ़ाव के कारण हॉपर कीट व फंगस का प्रकोप बढ़ जाता है। बागान मालिक कीटनाशन का प्रयोग कर फसल का बचाव कर सकते है। -डॉ शिवम सिंह, कृषि विशेषज्ञ
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