बड़ौत। अग्रसेन भवन में शिव महापुराण कथा के चौथे दिन सुबह का पंचांग पीठ पूजन विधि-विधान के साथ किया। परमहंस मुक्तानंद पुरी ने बताया कि भगवान महादेव सदैव सृष्टि को देने की प्रवृत्ति वाले देव हैं। वे जो भी कृत्य करते हैं, सदैव दूसरों की भलाई के लिए करते हैं।
दिगंबर जैन पालीटेक्निक के शिक्षक रणजय लांबा, भारत भूषण गोयल, मंसाराम गर्ग द्वारा पूजन किया। दोपहर की कथा का प्रारंभ दंडी स्वामी ध्रुव आनंद तीर्थ महाराज व व्यास पीठ पर विराजमान परमहंस मुक्तानंद पुरी के पूजन के साथ हुआ।
परमहंस मुक्तानंद पुरी ने बताया कि जब सृष्टि तारकासुर के आतंक से पीड़ित थी, भगवान विष्णु सहित सभी देवों ने भगवान शिव से पुत्र उत्पन्न करने की प्रार्थना की। जिससे कि तारकासुर का वध हो सके। भगवान शिव ने प्रार्थना को स्वीकार किया, उनके प्रथम पुत्र भगवान कार्तिकेय हुए। जिन का दूसरा नाम स्कंध भी है जिनके हाथों से तारकासुर का वध हुआ और सृष्टि में अभय हुआ। मौके पर मेरठ से आए संजय वर्मा, संजय गोयल, अमित शर्मा, उमेश वाधवा, युगल किशोर गर्ग प्रधान, राजेंद्र आत्रे, रविंद्र तिवारी, डॉ सुरेंद्र शर्मा, पंकज शर्मा मौजूद रहे।