बागपत जिले में गोवंशों में लंपी रोग लगातार फैलता जा रहा है। जिसके चलते बुधवार तक 25 गांवों के 56 गोवंश लंपी रोग से ग्रस्त हो गए। पशुपालन विभाग की टीम ने लंपी रोग से ग्रस्त गोवंश को अलग कर उपचार शुरू किया।
पशुओं में फैलती जा रहे लंपी रोग को लेकर पशुपालकों में दहशत का माहौल बना हुआ है। जिसको लेकर पशुपालन विभाग की छह सर्विलांस टीमें लगातार रोग से ग्रस्त पशुओं को ट्रैक करने में जुटी हुई हैं। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमेश चंद्रा ने बताया कि जिले में लगातार पशुपालकों को लंपी रोग के बारे में जागरूक किया जा रहा है और सावधानी बरतनी की सलाह दी जा रही है।
अभी तक 25 ग्राम पंचायतों में 56 गोवंशों में लंपी रोग के लक्षण मिल चुके हैं। जिनका पशुपालन विभाग की टीमें अलग-अलग जगहों पर उपचार कर रही है। उधर पशुपालक भी लंपी रोग की दहशत में हैं। जिन्होंने अपने गोवंशों के बाहर बांधने के बजाय चहारदीवारी में बांधना शुरू कर दिया है।
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गोशाला में चार गोवंशों में मिले लक्षण
दाहा गांव में 15 गोवंशों में लंपी रोग के लक्षण मिलने के बाद बुधवार को पशुपालन विभाग की टीम गांव पहुंची। जहां पशुओं की जांच के बाद पांच गोवंशों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. जितेंद्र राठी ने बताया कि दोघट कस्बे में राधाकृष्ण गोशाला में चार गोवंश लंपी रोग के लक्षण मिले। मौजिजाबाद नांगल गांव में बलजोर की गाय, पुसार में पिंकी का बैल, धनौरा में चार गोवंश रोग से ग्रस्त मिले। वहीं दाहा गांव में 15 गोवंशों का पशु चिकित्सकों ने उपचार किया।
बड़ौत में पशु पैंठ पर पाबंदी लगाई
बागपत। जिले में गोवंशों में तेजी से फैलते जा रहे लंपी रोग को लेकर दहशत का माहौल बना हुआ है। जिसके चलते रविवार को बड़ौत में लगने वाली पशु पैंठ पर पाबंदी लगा दी गई है।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. रविंद्र कुमार ने बताया कि लंपी रोग को लेकर पहले ही दूसरे राज्यों से पशुओं को लाने पर रोक लगा दी गई थी। जिसके लिए बॉर्डर पर निगरानी की जा रही है। उधर बाहरी गोवंशों के संपर्क में आने से फैल रहे लंपी रोग को रोकने के लिए बड़ौत में रविवार को लगने वाली पशु पैंठ पर भी रोक लगा दी गई है। पाबंदी जारी रहने तक पशु पैंठ लगाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।