बागपत। ईंट भट्ठों को शुरू हुए एक महीना पूरा भी नहीं हुआ था कि बारिश ने भट्ठा व्यवसाय को बीस करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा दिया। बारिश के कारण कच्ची ईंट खराब हो गई। जिसका असर ईंटों के दाम पर पड़ेगा जो 500 रुपये तक महंगी हो जाएगी। भवन निर्माण कराने वालों पर यह भार बढ़ेगा।
बागपत में करीब 450 ईंट भट्ठे हैं जो एक मार्च को शुरू हुए थे। इससे भट्सा संचालकों को कुछ राहत मिलती दिख रही थी, भवन निर्माण करने वालों की ईंट की किल्लत भी दूर हुई थी। लेकिन पिछले सप्ताह लगातार हुई बारिश ने भट्ठा व्यवसाय को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। बारिश से एक भट्टे पर चार से साढ़े चार लाख रुपये की कच्ची ईंट खराब हो गईं हैं। इस तरह जिले में करीब बीस करोड़ रुपये का नुकसान भट्टों पर हुआ है। इससे ईंटों के कम हो रहे दाम दोबारा से 500 रुपये प्रति हजार तक बढ़ाने की तैयारी है। जिससे भवन निर्माण करने वालों को ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ेगा।
- साठ लाख तक ईंट रोजाना होती है सप्लाई
बागपत के भट्ठों से करीब एक हजार ट्रक से रोजाना दिल्ली व नोएडा में ईंट सप्लाई होती है। एक ट्रक में करीब छह हजार ईंट जाती हैं और इस तरह से साठ लाख ईंट रोजाना दिल्ली में सप्लाई होती है। नुकसान की भरपाई का प्रयास किया जा रहा है।
भट्ठों को शुरू हुए अभी ज्यादा समय नहीं हुआ था। लेकिन बारिश ने काफी नुकसान भी भट्ठों पर कर दिया है। कच्ची ईंट खराब होने से परेशानी बढ़ी है। - राजेंद्र सिंह, ईंट निर्माता समिति
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इस बार पहले ही भट्ठे एक महीने देरी से चले हैं। जिससे ईंटों की काफी समस्या थी। अब धीरे-धीरे सब कुछ सामान्य होता दिख रहा था। लेकिन अब बारिश ने कच्ची ईंट खराब कर दी, जिससे दाम बढ़ाने की बात कही जा रही है। - नीरज नैन, महामंत्री
- भट्ठा व्यवसाय पहले ही नुकसान झेल रहा था। किसी तरह से व्यवसाय किया जा रहा है। जिससे आम लोगों को ईंट मिलने में परेशानी न हो। लेकिन अब बारिश ने दोबारा से व्यवसाय करने वालों को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। - विनोद गोयल, कोषाध्यक्ष