सभी बुराइयों को दूर करने वाले हैं भगवान भोलेनाथ
बागपत, बड़ौत। अग्रसेन भवन में श्री सनातन धर्म प्रचार महासभा के तत्वाधान में चल रही शिव महापुराण कथा के पांचवें दिन सुबह-शाम भगवान भोलेनाथ को की पूजा करने के लिए प्रेरित किया।
पांचवें दिन आदेश गोयल, सुनील मित्तल ने विधि-विधान के साथ कथा का शुभारंभ किया। कथा व्यास परमहंस मुक्तानंद पुरी महाराज ने बताया कि शिव महापुराण कथा बताती है कि व्यक्ति को संस्कारों में रहना चाहिए। कथा को सुनने मात्र से व्यक्ति के सभी दुर्गुण नष्ट हो जाते हैं। समय-समय पर भगवान शंकर ने विभिन्न अवतार को धारण किया है। भगवान शंकर ने महा तपस्वी तत्व ज्ञानी पिपलाक्ष के रूप में अवतार लिया, जिनके पुत्र महर्षि दधीचि हुए। परमहंस ने बताया उपमन्यु की भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान ने सुरेश्वर के रूप में अवतार लिया, इस अवतार रूप में उपमन्यु को ब्रह्म तत्व का ज्ञान दिया तथा उनके द्वारा इक्षित अनन्य भक्ति सहित दूध, दही और घी के सागर प्राप्त होने का वरदान प्रदान किया। बताया कि भगवान ने कपाली, पिंगल, विरुपाक्ष आदि रुद्र अवतार लिए।
जब भगवान श्री राम का अवतार हुआ तो भगवान भोलेनाथ ने अपने हनुमान के रूप में अवतार लिया एवं भगवान श्री राम की धर्म रक्षा में सहायता की। इस अवसर पर रेखा शर्मा, पूनम, शिवानी, रेनू वीणा, वीर बाला लक्ष्मी, डॉ. प्रभात वशिष्ठ, सतवीर सिंह, राकेश सिंघल, विनोद कुमार, वीरेंद्र शर्मा फौजी, डॉ. दीपक गौतम, संजय गुप्ता, संजय सेन, रामेश्वर दयाल शर्मा, महेंद्र भगत शामिल रहे।