बागपत। शाहपुर बड़ौली गांव में मार्च 2016 में दोस्त की हत्या कर शव कुड़ी में दबाने वाले जीजा-साले को न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाई। 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड की आधी धनराशि प्रतिकर के रूप में वादी को देने के आदेश दिए गए।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अनुज ढाका ने बताया कि शाहपुर बड़ौली गांव निवासी संजय ने 23 मार्च 2016 में बड़ौत कोतवाली में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें कहा था कि कांशीराम कालोनी निवासी संजू व उसके जीजा सुभाष निवासी ढिकाना ने उसके भाई बलवान का अपहरण कर लिया है। पुलिस ने 23 मार्च को ही सुभाष निवासी ढिकाना को गिरफ्तार कर लिया और पूछताछ के बाद सुभाष की निशानदेही पर मृतक के घेर में कुड़ी में दबा शव बरामद कराया।
कई दिन बाद पुलिस ने संजू को भी गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी बरामद की। मुकदमे की सुनवाई एडीजे चतुर्थ न्यायालय में चल रही थी। अभियोजन पक्ष ने छह गवाह पेश किए। दोष सिद्ध होने के बाद बुधवार को न्यायाधीश सुशील कुमार ने संजू व सुभाष को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
पांच हमलावरों को चार-चार साल की सजा सुनाई
बागपत। टीकरी गांव के किसान व उसके भाई पर जानलेवा हमला करने वाले पांच हमलावरों को न्यायालय ने चार की सजा सुनाई। साथ ही नौ हजार रुपये अर्थदंड लगाया।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अनुज ढाका व वादी पक्ष के अधिवक्ता अतुल प्रशांत त्यागी ने बताया कि टीकरी निवासी कालूराम ने 13 अप्रेल 2007 को दोघट थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। कालूराम ने बताया कि वह अपने भाई वीरसैन के साथ खेत में गेहूं काट रहा था, तभी बबलू, पप्पू, जयप्रकाश, ओमप्रकाश, रविंद्र, कपिल ने उन पर हमला कर घायल कर दिया। उनके शोर मचाने पर जगपाल व जगवीर ने उन्हें बचाया। पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। बताया कि न्यायालय एडीजे चतुर्थ में मुकदमे की सुनवाई हुई और अभियोजन पक्ष ने 13 गवाह पेश किए। जिसमें दोष सिद्ध होने पर न्यायाधीश सुशील कुमार ने बबलू, पप्पू, जयप्रकाश, कपिल, ओमप्रकाश व रविंद्र को चार साल की सजा सुनाई, जबकि जयप्रकाश की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी।