बिनौली (बागपत)। सिरसली गांव के जंगल में खेतों पर कार्य कर रहे दो भाइयों पर तेंदुए ने हमला कर दिया। दोनों भाइयों के डटकर मुकाबला करने पर तेंदुआ भाग गया। सूचना पर पहुंचे ग्रामीणों ने जंगल में तेंदुए की तलाश की। तेंदुआ तो नहीं मिला किंतु एक हिरण व एक कुत्ता मृत पड़ा मिला। ग्रामीणों ने तेंदुए द्वारा उनका शिकार करने की आशंका जताई है।
सिरसली गांव में बामनोली मार्ग पर सतबीर फौजी की डेयरी है। शुक्रवार को उनका भतीजा सौरभ जो सीआरपीएफ महाराष्ट्र में कमांडो है और इसका भाई विवेक खेतों में फसलों को आवारा पशुओं से बचाव को तार लगाने के लिए पोल खड़े करने के लिए गड्ढे खोद रहे थे। अचानक उनके पीछे तेंदुआ आकर गुर्राया और हमले का प्रयास किया। तेंदुए को देखकर दोनों भाई हाथों में लोहे के बेसाखे व फावड़ा लेकर सावधान हो गए। तेंदुआ कुछ पल इधर-उधर घूमकर ईख के खेत में घुस गया।
दोनों भाइयों ने शोर मचाकर व फोन कर ग्रामीणों को जंगल में तेंदुआ होने की सूचना दी। सूचना पर ग्रामीण लाठी, डंडे लेकर पहुंचे और तेंदुए को जंगल में तलाश किया। ग्रामीणों को तेंदुआ तो मिला नहीं मिला किंतु बबलू के खेत के पास एक हिरण व एक कुत्ता मृत हालत में पड़ा मिला। ग्रामीणों ने तेंदुए द्वारा शिकार करने की आशंका जताई है। सतबीर फौजी ने बताया कि यह उनका पालतू कुत्ता था, जो दो दिन पहले गुम हो गया था, इसका तेंदुए ने ही शिकार किया है।
सूचना पर रात्रि में वन विभाग की टीम वहां पहुंची और कुत्ते को दफनाकर मृत हिरण के अवशेष को समेट कर अपने साथ ले गई। ग्राम प्रधान धर्मेंद्र तोमर, हरबीर, बाबू, राममेहर, सतपाल, सतेंद्र आदि ग्रामीणों ने वन अधिकारियों से जंगल पिंजरा लगवाने की मांग की है।
शाहपुर बाणगंगा गांव के जंगल में बीती 27 जनवरी को शिकारियों द्वारा लगाए फंदे में तेंदुए का पैर फंस गया था। विभाग के अधिकारियों व टीम ने कई घंटे तक मेहनत कर उसे रेक्सयू किया था।
वर्जन- किसानों पर तेंदुए द्वारा हमले किए जाने का कोई मामला नहीं है। सूचना प्राप्त हुई थी, जिसके बाद विभागीय टीम को भेजा गया था। एक टीम को क्षेत्र में लगाया गया है-वंदना फोगाट डीएफओ बागपत।