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Baghpat News: अशरफाबाद थल में नजर आया तेंदुआ और शावक

Mon, 29 Jan 2024 02:30 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
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अशरफाबाद थल गांव के जंगल में ईख के खेत में जाता तेंदुआ । स्रोत:विडियाग्रैब
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रमाला (बागपत)। अशरफाबाद थल गांव के जंगल में किसानों को एक तेंदुआ और शावक दिखाई देने से दहशत फैल गई। किसानों ने तेंदुए का वीडियो बना लिया। काफी संख्या में ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर जंगल में पहुंचे। जिन्होंने तेंदुए को तलाश भी किया। सूचना देने के बाद भी वनकर्मियों के जंगल में नहीं पहुंचने पर किसानों ने रोष जताया।
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अशरफाबाद थल गांव के जंगल में किसान सलाउद्दीन व साजिद खेत में काम कर रहे थे, तभी खेत के पास संपर्क मार्ग पर एक तेंदुआ व उसके साथ एक शावक दिखाई दिया। किसानों ने बताया कि उन्होंने मोबाइल फोन से तेंदुए ना वीडियो बना लिया और वन विभाग व ग्रामीणों को फोन कर सूचना दी। किसानों का आरोप है कि वन विभाग की टीम का घंटों इंतजार किया गया, लेकिन कोई नहीं आया। पंजों के निशान देखकर ग्रामीणों ने लाठी-डंडे लेकर खुद ही तेंदुए की तलाश की, लेकिन नहीं मिला।
इसके बाद ग्रामीणों ने गांव में मुनादी कराकर सावधानी बरतने के लिए जागरुक किया और अकेले जंगल में न जाने की अपील की। ग्रामीणों ने बताया कि कई दिन से जंगल में तेंदुआ और शावक देखा जा रहा है, जिससे भय का माहौल बना हुआ है। उन्होंने वन विभाग से तेंदुए को पकड़वाने की मांग की। मांग करने वालों में सलाउद्दीन, साजिद, साकिब, गुलफाम, इमरान आदि मौजूद रहे।
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उधर वन क्षेत्राधिकारी सुनेंद्र सिंह का कहना है कि तेंदुए का वीडियो स्थानीय नहीं लग रहा है, इसकी जांच कराई जा रही है। फिर भी एक टीम को जांच के लिए अशरफाबाद थल गांव के जंगल में भेज गया है।
- शाहपुर बाणगंगा के जंगल में जाल में फंसा था तेंदुआ
अशरफाबाद थल गांव के जंगल में तेंदुआ दिखाई देने से दहशत का माहौल बना हुआ है तो शनिवार को शाहपुर बाणगंगा गांव के जंगल में शिकारियों के जाल में तेंदुआ फंस गया था। जिसे रेस्क्यू करने के बाद वन विभाग की टीम अपने साथ लेकर चली गई थी। जिसके चलते किसानों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
- किसान बोले, तेंदुए को बिल्ली बताते रहते हैं अफसर
किसान अशोक, सलाउद्दीन समेत अन्य ने बताया कि पहले भी कई बार वन विभाग की टीम को तेंदुए होने की सूचना दी जा चुकी है, लेकिन वन विभाग के अफसर तेंदुए की मौजूदगी मानने को तैयार नहीं होते और तेंदुए को बिल्ली बताकर पल्ला झाड़ते रहते हैं। तेंदुए के पंजों की भी पुष्टि नहीं की जाती। जिस कारण किसानों को भय के माहौल में खेतीबाड़ी करनी पड़ रही है।

अशरफाबाद थल गांव के जंगल में ईख के खेत में जाता तेंदुआ । स्रोत:विडियाग्रैब

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