फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Baghpat News: रालोद प्रत्याशी के पति को गुंडा एक्ट का नोटिस मिलने पर भड़के वकील

Thu, 04 May 2023 11:19 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
विज्ञापन
विज्ञापन
बागपत। खेकड़ा नगर पालिका से अध्यक्ष पद की रालोद प्रत्याशी रजनी धामा के पति सुधीर धामा को गुंडा एक्ट की कार्रवाई का नोटिस मिलने पर वकील भड़क गए। इसके विरोध में वकीलों ने हड़ताल रखकर हंगामा किया और जुलूस निकालकर कलक्ट्रेट पर धरना शुरू कर दिया। डीएम की उनके साथ काफी नोकझोंक हुई। सुनवाई के लिए 15 मई तारीख तय होने पर वकीलों ने धरना खत्म किया।
विज्ञापन

खेकड़ा से रालोद की प्रत्याशी रजनी धामा के पति सुधीर धामा पेशे से वकील हैं। उन पर वर्ष 2017 में मारपीट व तोड़फोड़ समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने उन सभी लोगों के खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई के लिए फाइल जिलाधिकारी के न्यायालय में भेजी है, जिन पर चुनाव में माहौल बिगाड़ने की आशंका है।
उनमें सुधीर धामा की फाइल भी पुलिस ने भेज दी, जिसपर जिलाधिकारी न्यायालय से गुंडा एक्ट की कार्रवाई के लिए सुधीर को नोटिस भेजा गया। जिसमें उनको चार मई को न्यायालय में पेश होकर जवाब देना था। जिसका पता चलने पर बृहस्पतिवार सुबह को वकीलों में रोष व्याप्त हो गया और वकीलों ने हड़ताल करके हंगामा शुरू कर दिया।
विज्ञापन

वकील जुलूस निकालते हुए कलक्ट्रेट पर पहुंचे और डीएम कार्यालय के बाहर धरना देकर बैठ गए। आरोप था कि बुधवार शाम को पुलिस सुधीर धामा के घर नोटिस लेकर पहुंची और बृहस्पतिवार की तारीख होने की बात कही। इसके साथ ही कहा गया कि अगर वह तारीख पर पहुंचकर अपना जवाब नहीं देंगे तो उनके खिलाफ गुंडा एक्ट की कार्रवाई की जाएगी।
इस पर ही वकीलों ने कड़ी नाराजगी जताई। उस मामले में सुनवाई के लिए 15 मई की तारीख लगाई गई तो वकील धरना खत्म करके वापस चले गए। इस दौरान बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय तोमर, पूर्व अध्यक्ष सोमेंद्र ढाका, जयवीर तोमर, सतेंद्र खोखर, अजीत सिंह, इफ्तखार हसन आदि मौजूद रहे।
डीएम ने कहा कार्रवाई जारी रहेगी
नोटिस भेजने के मामले में वकीलों ने कहा कि सुधीर धामा वकील हैं और उनको इस तरह नोटिस भेजना गलत है। जिलाधिकारी राजकमल यादव ने कहा कि नोटिस में किसी भी जगह वकील नहीं लिखा हुआ है। क्योंकि वकील से उस नोटिस का कोई मतलब नहीं है और वह अपराध करने के कारण कानून के तहत भेजा गया है। वकीलों ने कहा कि चुनाव के दौरान किसी वकील पर कोई कार्रवाई नहीं की जाए। इस पर डीएम ने कहा कि अगर कोई आचार संहिता का उल्लंघन करेगा तो मुकदमा जरूर दर्ज किया जाएगा। कानूनी प्रक्रिया किसी भी हालत में नहीं रोकी जाएगी। इस तरह वकीलों और डीएम के बीच काफी देर तक नोकझोंक होती रही।
वकीलों ने किया जाम लगाने का प्रयास, एसडीएम पहुंचे
वकीलों ने कलक्ट्रेट में काफी देर तक धरना देने के बाद भी कोई अधिकारी नहीं पहुंचा तो नेशनल हाईवे पर जाम लगाने के लिए वकील जाने लगे। जिसका पता चलने पर एसडीएम अजय कुमार तुरंत उनके बीच पहुंचे। उन्होंने वकीलों को रोका और उनके बीच में बैठ गए। उसके बाद मतदान केंद्रों का निरीक्षण करके कलक्ट्रेट पहुंचे जिलाधिकारी राजकमल यादव के साथ उनकी नोकझोंक हुई और जिलाधिकारी ने साफ कर दिया कि किसी के दबाव में चुनाव प्रक्रिया बाधित नहीं होने दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें