बागपत। स्कूल में बच्चों को मिड-डे मील में शुद्ध और ताजी सब्जी मिल सके, इसके लिए किचन गार्डन बनाने की योजना तैयार की गई थी। बजट के अभाव में 328 स्कूलों में किचन गार्डन शुरू नहीं हो सके हैं। पिछले डेढ़ साल से किचन गार्डन बनाने की योजना केवल कागजों तक सिमटी हुई है।
जिले के 338 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में किचन गार्डन बनाने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को बजट की मांग भेजी गई थी। किचन गार्डन बनाने के लिए एक स्कूल के लिए पांच हजार रुपये का बजट निर्धारित किया था, लेकिन शासन स्तर से स्कूलों के लिए पूरा बजट जारी किया। जिसके अभाव में स्कूलों में किचन गार्डन तैयार नहीं किया जा सका है।
इन विद्यालयों में बनाए गए किचन गार्डन
बागपत ब्लॉक में प्राथमिक विद्यालय नंबर एक धनौरा सिल्वर नगर, प्राथमिक विद्यालय नंबर एक ग्वालीखेड़ा, खेकड़ा ब्लॉक में उच्च प्राथमिक विद्यालय सुभानपुर, उच्च प्राथमिक विद्यालय मुबारिकपुर, पिलाना ब्लॉक में कंपोजिट विद्यालय हिसावदा, बड़ौत ब्लॉक में प्राथमिक विद्यालय नंबर एक बडक़ा, उच्च प्राथमिक विद्यालय अशरफाबाद थल, छपरौली ब्लॉक में कंपोजिट विद्यालय रठौड़ा, बिनौली ब्लॉक में उच्च प्राथमिक विद्यालय कनवाड़ा और उच्च प्राथमिक विद्यालय भड़ल में किचन गार्डन बनाया गया है।
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कोट...
जिले के 338 विद्यालयों में किचन गार्डन बनाने का प्रस्ताव तैयार की सूची शासन को भेजी गई थी। बजट जारी न होने के कारण विद्यालयों में किचन गार्डन नहीं बन पाए हैं। बजट मिलने पर चयनित किए गए स्कूलों में किचन गार्डन बनवाए जाएंगे। - फरजान शैरफ, जिला समन्वयक, मध्याह्न भोजन प्राधिकरण