बागपत। जिले में रिम धुरा, हैंडलूम और दवा समेत अन्य फैक्ट्रियों के संचालन की अनुमति दी गई थी। अभी तक शहरी क्षेत्र की 103 फैक्ट्रियों ने लेबर का ब्योरा दिया है, इनमें अधिकतर शुरू नहीं हो सकी है। इसकी वजह यह है कि मजदूरों की कमी है। सर्विस सेक्टर में आने वाली बाइक रिपेयरिंग, ट्रैक्टर रिपेयरिंग समेत इस तरह की छोटी दुकानें करीब 590 शुरू कराई गई है। बड़ौत में रिम और धुरे की 80 फैक्ट्री हैं, जिनमें से केवल अभी तक 17 का ही संचालन शुरू हुआ है। आईआईए अध्यक्ष योगेश जिंदल का कहना है कि कच्चा माल नहीं है, लेबर पूरी नहीं है, इसके अलावा पक्के माल की सप्लाई नहीं हो पा रही है। उद्योग उपायुक्त हिमांशु गंगवार का कहना है कि जल्द ही व्यवस्था पटरी पर लाने का प्रयास किया जा रहा है।