छात्र-छात्राओं ने जाना क्रांतिकारियों का इतिहास
बड़ौत (बागपत)। किताबों से अलग प्रत्यक्ष रूप से इतिहास को जानने के लिए माउंट लिटरा स्कूल के कक्षा 12 के छात्रों का एक दल मेरठ स्थित राजकीय स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय पहुंचा। उनके साथ ओपी शर्मा, उधम सिंह राणा, एकता अध्यापक भी गए। मेरठ से प्रारंभ होने वाली क्रांति के स्थलों, निशानियों, वस्तुओं को देखकर छात्र बहुत रोमांचित हुए। संग्रहालय में मेरठ परिक्षेत्र के विभिन्न स्थानों से खोदाई में निकले बर्तन, तलवारें, सिक्के, रत्न, पुराने अवशेषों को छात्रों को देखा । यहां स्थित अशोक की लाट को देखा। शिक्षक ओपी शर्मा ने छात्रों को बताया कि गाय की चर्बी लगे कारतूसों का प्रयोग न करने के कारण 1857 को मेरठ में 85 सैनिकों के कोर्ट मार्शल और उन्हें जेल में डालने की घटना से भड़के लोगों ने मेरठ में अंग्रेजों के खिलाफ क्रांति का बिगुल बजा दिया। इसमें सामूहिक रुप से पूरे देश में लड़ाई की गई और वह घटना आजादी की प्रथम क्रांति कहलाई । छात्रों ने काली पलटन स्थित औघड़नाथ मंदिर के भी दर्शन किए। स्कूल के चेयरमैन हंस कुमार जैन, बिजेंद्र जैन, डायरेक्टर हिमांशु जैन, प्रधानाचार्य विनय चौधरी ने छात्रों और अध्यापकों को बधाई दी।