बागपत। बिनौली सीएचसी के पूर्व अधीक्षक और सर्जन के खिलाफ शासन स्तर से जांच शुरू हो गई है। दोनों चिकित्सकों पर ओपीडी नहीं करने और राजकीय कार्यों में लापरवाही बरतने का आरोप है। चिकित्सा विभाग के विशेष सचिव शिव सहाय अवस्थी ने अपर निदेशक मेरठ को जांच अधिकारी नामित कर जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है।
बिनौली सीएचसी के पूर्व प्रभारी डॉ. विवेक कुमार राजकीय कार्यों में रुचि नहीं ले रहे थे और उनका सीएचसी पर तैनात कर्मचारियों पर भी नियंत्रण नहीं थी। इसके अलावा उन पर ओपीडी नहीं करने का आरोप लगा था। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप ने उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा था। अब शासन ने पूर्व चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विवेक कुमार के खिलाफ जांच शुरू करा दी है।
इसके अलावा सीएचसी पर तैनात सर्जन डॉ. उमेश चंद गौतम के खिलाफ मुख्यालय पर निवास न करने, प्राइवेट प्रैक्टिस करने, सीएचसी पर ओपीडी न करने और नसबंदी शिविर में समय न देने की शिकायत की गई थी। स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव शिव सहाय अवस्थी ने अपर निदेशक मेरठ डॉ. राजेंद्र सिंह को जांच अधिकारी नामित कर दोनों चिकित्सकों की जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। अपर निदेशक की जांच रिपोर्ट के आधार पर चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वर्जन - दोनों चिकित्सकों के खिलाफ ओपीडी नहीं करने और राजकीय कार्यों में लापरवाही की शिकायत मिल रही थी। दोनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा गया था। शासन ने अपर निदेशक को दोनों चिकित्सकों के खिलाफ जांच करने के आदेश जारी कर दिए हैं। - जितेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी