यह 638 करोड़ रुपये पांच मई से 25 मई 2021 के बीच खर्च दिखाते हुए निकाले गए। इस तरह केवल बीस दिन में इतने ज्यादा रुपये गांवों के खातों से निकाले जाने से घपले की आशंका जताई गई। जिसमें काफी जगहों से शासन के पास शिकायत पहुंची। जिससे अब इस मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं। जिसमें कहा गया है कि उस समय निकाली गई राशि से जिन कार्यों को कराया जाना दिखाया गया है, उनकी जांच कराकर रिपोर्ट पंचायती राज निदेशालय को भेजी जाए। जिसमें डीपीआरओ ने जांच शुरू कर दी है और इसमें सभी फाइलों को निकाला जा रहा है।
पश्चिम के जिलों में इस तरह खर्च किए गए रुपये
- बागपत में पांच करोड़ 94 लाख रुपये
- मेरठ में दो करोड़ 76 लाख रुपये
- शामली में चार करोड़ 57 लाख रुपये
- मुजफ्फरनगर में 14 करोड़ 62 लाख रुपये
- बिजनौर में 26 करोड़ 66 लाख रुपये
- सहारनपुर में 13 करोड़ 59 लाख रुपये
- गाजियाबाद में एक करोड़ 31 लाख रुपये
- बुलंदशहर में 17 करोड़ 54 लाख
- हापुड़ में एक करोड़ 88 लाख रुपये
- गौतमबुद्धनगर में एक करोड़ तीन लाख रुपये
बागपत में बिनौली ब्लॉक में सबसे ज्यादा दो करोड़ खर्च हुए
बागपत के बिनौली ब्लॉक में सबसे ज्यादा दो करोड़ दो लाख रुपये खर्च किए गए थे। जबकि बड़ौत ब्लॉक में डेढ़ करोड़ रुपये खर्च दिखाए गए और छपरौली में एक करोड़ 20 लाख रुपये खर्च हुए। इस तरह ही पिलाना में 53 लाख रुपये, खेकड़ा में 41 लाख रुपये, बागपत में करीब 27 लाख रुपये खर्च दिखाए गए थे।
जिस समय वर्ष 2021 में पंचायतों में प्रशासक तैनात थे। उस समय खर्च हुए बजट की जांच के लिए शासन से पत्र आया है। उससे संबंधित रिकार्ड मांगा गया है और उसके आधार पर जांच करके रिपोर्ट भेजी जाएगी। - अरुण अत्री, जिला पंचायत राज अधिकारी