बागपत। जिले में बिना मान्यता और मानक पूरे किए बगैर चल रहे विद्यालयों की जांच पर जांच कराई जा रही है, मगर नतीजा कुछ नहीं निकल रहा है। मई माह में बेसिक शिक्षा विभाग ने जांच कराई और बिना मान्यता व मानक पूरे किए बगैर चल रहे 145 स्कूलों की रिपोर्ट तैयार करने के बावजूद कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हुआ। कार्रवाई न होने के कारण जुलाई माह में फिर से ऐसे स्कूल खुल गए। अब माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों की मान्यता और मानक की जांच के लिए न्याय पंचायत स्तर पर 18 नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं, जो स्कूलों की जांच करके अपनी रिपोर्ट देंगे।
स्कूल में हादसे के बाद शुरू हुई थी कार्रवाई
पांची-चमरावल रोड स्थित रॉयल कान्वेंट इंटर कालेज में पांच मई को स्कूल बस से कुचलकर यूकेजी के छात्र की मौत हो गई थी। जांच में स्कूल में कक्षा एक से पांचवीं और नौवीं से 12वीं तक की कक्षाएं बिना मान्यता के चलाई जा रही थी। जिस पर डीएम राजकमल यादव ने 60 अधिकारियों की टीम का गठन कर जिले के सभी स्कूलों की मान्यता और मानकों की जांच करने के निर्देश दिए थे। डीएम के निर्देश पर स्कूलों में जांच हुई, मगर कार्रवाई न होने के कारण स्कूल संचालक जुलाई माह में फिर से स्कूल खोलकर बैठ गए हैं।
145 स्कूलों को जारी किए गए थे नोटिस
स्कूलों की मान्यता और मानकों की जांच के उपरांत बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से 145 स्कूलों की सूची जारी कर नोटिस जारी किए गए थे। स्कूल संचालकों से मानकों को पूरा न करने पर एक लाख रुपये का जुर्माना कोषागार में जमा करने के लिए कहा गया था।
नियुक्त किए 18 नोडल अधिकारी
जिले में 71 असहायता प्राप्त, 13 राजकीय हाईस्कूल, छह राजकीय इंटर कॉलेज और 52 वित्तविहीन विद्यालय हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से विद्यालयों की मान्यता और मानकों की जांच के लिए न्याय पंचायत स्तर पर 18 अधिकारी नियुक्त किए हैं। नोडल अधिकारियों को विद्यालयों की जांच कर आख्या कार्यालय में प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।
कोट...
- विद्यालयों की मान्यता व मानकों की जांच के लिए न्याय पंचायत स्तर पर नोडल अधिकारी नामित किए हैं। नोडल अधिकारियों को अपनी न्याय पंचायत के विद्यालयों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जांच के दौरान कोई भी अनियमितता मिलने पर विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी। - रवींद्र सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक