फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Baghpat News: रिश्तों पर फिर भारी पड़ रहा नशा

Fri, 20 Jan 2023 12:16 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
विज्ञापन
विज्ञापन
बड़ौत। युवा मन को जोश और उमंग की उम्र कहा जाता है। यही उम्र का पड़ाव होता है, जब भविष्य को लेकर युवा मन द्वारा लक्ष्य साधा जाता है। मगर दुर्भाग्यवश अब युवा नशे की लत में पड़कर रिश्तों का कत्ल कर रहा है। हंसती-खेलती दुनिया को उजाड़ रहा है। आवास विकास काॅलोनी में युवक द्वारा प्रेमिका की खातिर मां की हत्या करने का ये पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी जनपद में ऐसी कई वारदात हो चुकी हैं, जो पारिवारिक और सामाजिक रिश्तों को तार-तार कर चुकी है।
विज्ञापन

भले ही बागपत पुलिस युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए तमाम प्रयास कर रही हो। मगर इसके बावजूद युवा अपने परिजनों, रिश्तेदारों और अपने परिचितों से छिपते-छपाकर नशे की दलदल में फंसते जा रहे हैं। इससे उनकी सेहत तो खराब हो ही रही है साथ ही उनका पारिवारिक और सामाजिक स्तर भी गिरता जा रहा है। नशे की जद में आने के बाद अपराध की दुनिया में कदम रख रहे हैं। पुलिस के आंकड़ों पर गौर किए जाए तो कुछ सालों में नशे की लत के चलते हत्या, चोरी, लूटपाट, अपहरण जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।
केस नंबर एक-
फतेहपुर पुट्ठी गांव में गत आठ जनवरी को अनुज पुत्र सुभाष की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। जिसके पीछे नशा ही था। क्योंकि हत्यारोपी लक्की उर्फ सोहनपाल व अन्य मृतक के पास बैठे थे और सभी भांग से भरी बीड़ी पी रहे थे, इस दौरान अनुज ने भांग की बीड़ी देने से मना कर दिया था, जिस कारण उसके दोस्तों ने उसकी हत्या कर दी थी।
विज्ञापन

केस नंबर दो-
नगर की पट्टी चौधरान में गत वर्ष 17 अगस्त को अमरपाल उर्फ लक्ष्य तोमर ने नशे की हालत में तिहरे हत्याकांड को अंजाम दिया था। आरोपी अक्सर नशे करता था, और उसका पिता बृजपाल व उसकी दो बहने अनुराधा व ज्योति उसका विरोधी करती थी। रुपयों के लेनदेन को लेकर भी उनमें कहासुनी होती रहती थी, इसलिए उसने तीनों को मौत के घाट उतार दिया।
केस नंबर तीन
किशनपुर बिराल निवासी ट्रक चालक जितेंद्र की 15 फरवरी 2018 में शराब पीने को लेकर हुए विवाद में दो-तीन युवकों ने ईंटों से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।
केस नंबर चार-
मलकपुर गांव में गत 26 मार्च 2022 विशाल उम्र 24 पुत्र शीशपाल की उसी के गांव के दो युवकों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के दौरान हत्यारोपी नशे की हालत में थे। मृतक हत्यारोपियों की बहन को तंग किया करता था, इसलिए दोनों मानसिक तनाव के चलते नशा करने लगे थे।

मेडिकल स्टोरों से आसानी से मिल जाती हैं नशे की गोलियां
नशाखोरी की आदत 14 से 20 साल तक के युवाओं में अधिक देखने को मिल रही है। मेडिकल स्टोरों से नशे की गोली आसानी से मिल जाती हैं। युवा व्हाइटनर यानी फ्लूड हाथ पर लगाकर या फिर रुमाल आदि के माध्यम से उसे सूंघकर नशा करते हैं। कुछ युवा शराब पीकर भी नशे का आनंद लेते हैं। लेकिन शराब पीने वालों से ज्यादा भांग का गोला, चरस, अफीम, स्मैक आदि का इस्तेमाल करते हैं।
ये बोली मनोविज्ञानागाध्यक्ष-
दिगंबर जैन डिग्री कॉलेज की मनोविज्ञान के विभागाध्यक्ष डाॅ. अंशु अग्रवाल का कहना है कि नशा की लत में पड़कर युवा अपने होश खो बैठता है, ऐसी हालत में यदि युवाओं को कोई रोकता या टोकता है तो वह बर्दास्त नहीं कर पाता। यहीं कारण है कि अक्सर युवा नशे की हालत में होकर ही अपराध कर बैठता है।

युवाओं में बढ़ रही नशे की लत को लेकर चिंता जताई
बडौत। सीओ सविरत्न गौतम ने बताया कि युवाओं में नशे की लत बढ़ रही है। जो चिंता का विषय है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को नशे से दूर रखें। वहीं इंस्पेक्टर एन एस सिरोही ने बताया कि जिस समय हत्यारोपी रजत को पुलिस ने गिरफ्तार किया तो वह नशे की हालत में था। बाद में सामान्य हालत में आने पर पूछताछ के बाद उसने हत्या करना कबूला।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें