बड़ौत। किरठल गांव के जंगल में शिकार के दौरान शिकारियों द्वारा घायल हुए हिरण की आखिरकार मौत हो गई। इस मामले में वन रक्षक ने दो शिकारियों के खिलाफ रमाला थाने में मुकदमा दर्ज कराते हुए मृत हिरण का पोस्टमार्टम कराया और उसे दफना दिया।
किरठल गांव के जंगल में पानीपत हरियाणा के आठ से दस शिकारियों ने शिकार के लिए जाल बिछाकर व घेराबंदी कर दो हिरणों को पकड़ लिया था। इस दौरान एक हिरण शिकारियों के जाल से छूटकर भाग गया था। जबकि शिकारी दूसरे हिरण का शिकार करने लगे थे, लेकिन तभी भनक लगने से गांव के किसान पुष्पेन्द्र चौहान, आजाद, धर्मपाल, सुधीर, मनोज समेत अन्य ने घायल हिरण समेत दो शिकारियों को पकड़ लिया था। देर रात ही घायल हिरण की मौत हो गई थी। इस मामले में वन रक्षक संजय कुमार ने जारौसी समालखा जनपद पानीपत निवासी कुलदीप व बिचपडी हरियाणा पानीपत निवासी कुलदीप के खिलाफ रमाला थाने पर तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। मृत हिरण का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे दफनाया गया। रमाला थानाध्यक्ष शिवदत्त ने बताया कि वन रक्षक संजय की तहरीर पर कुलदीप नामक दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
विभागीय अफसरों की मिलीभगत से क्षेत्र में शिकार कर रहे शिकारी
बड़ौत। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि विभागीय अफसरों की मिलीभगत से ही पिछले कुछ माह से शिकारी क्षेत्र में सक्रिय हो गए हैं। आए दिन वन्य जीवों का शिकार कर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं, क्योंकि शाम होते ही संबंधित रेंज के अधिकारी कार्यालय से गायब हो जाते हैं। जिसका फायदा उठाकर शिकारी वन्य जीवों की हत्या कर रहे हैं। उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच कर कार्रवाई की मांग की।
वर्जन
विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जा रही है, अन्य शिकारियों को पकड़ने के लिए संबंधित थाना क्षेत्र के पुलिस कर्मियों व ग्राम प्रधानों का सहयोग लिया जा रहा है। जिससे इस तरह की कोई अन्य घटना न हो सके- राजेश कुमार डीएफओ बागपत, मेरठ।