बागपत। ढिकौली गांव के किसान की शिकायत पर तहसील में किसानों से चल रहे रिश्वत वसूलने के खेल का भंडाफोड़ हो गया। ऐसे में तहसीलों में अन्य किसानों से रिश्वत वसूल कर काम करने के मामलों से भी इंकार नहीं किया जा सकता। क्योंकि रिश्वत वसूलने के लिए लेखपाल ने ढिकौली के किसान की विरासत की फाइल चार माह तक लटकाए रखी।
किसान निखिल ने बताया कि दिल्ली पुलिस से सेवानिवृत्त उसके पिता सत्यवीर सिंह की मौत होने के बाद 14 जून को दस्तावेज पूरे कर विरासत दर्ज कराने के लिए लेखपाल विनोद कुमार से संपर्क किया। आरोप लगाया कि लेखपाल ने दो चार दिन में काम करने का आश्वासन दिया, लेकिन पहली मुलाकात में ही साढ़े तीन हजार रुपये रिश्वत देने की मांग कर दी। जबकि यह काम लेखपाल की जिम्मेदारी है, जो निशुल्क कराया जाता है।
उसने लेखपाल के पास सभी दस्तावेज जमा कर दिए और फिर फोन पर संपर्क किया तो लेखपाल विनोद कुमार ने मिलकर काम कराने की बात कही। जबकि दूसरे लेखपाल ने उसका अधिकांश काम भी कर दिया था। इसके बाद चार माह तक लेखपाल के पास फोन करता रहा, लेकिन लेखपाल ने काम नहीं किया। लेखपाल रिश्वत लेने के लिए बार बार उसे टरकाता रहा। जिससे परेशान होकर वह रिश्वत देकर अपना काम करा ले।
- 31 में से पांच गाटा संख्या नहीं चढ़ाए
निखिल ने बताया कि उसके 31 गाटा संख्या में जमीन उसके नाम दर्ज होनी थी। जिसमें दूसरे लेखपाल ने 26 गाटा संख्या की जमीन में उसका नाम दर्ज करा दिया, जबकि पांच गाटा संख्या में नाम नहीं चढ़ाया।
- पहले भी पकड़े जा चुके हैं कर्मचारी
सरकारी महकमों में आने वाले फरियादियों के कार्य कराने के नाम पर रिश्वत वसूलने के खेल का पहले भी खुलासा हो चुका है। जिसमें मई 2023 में जिपं कार्यालय परिसर में प्रशासनिक अधिकारी को दस हजार रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था। इसके अलावा वर्ष 2022 में निरपुड़ा गांव के किसान की शिकायत पर भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने एक लेखपाल को दस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। इनके अलावा भी कई विभागों के कर्मचारी और अधिकारी रिश्वत लेते हुए पकड़े जा चुके हैं।
- आरोपी के समर्थन में उतरे लेखपाल
तहसील के लेखपाल के रिश्वत लेते पकड़े जाने का पता चलते ही राजस्वकर्मी कोतवाली पहुंचे और आरोपी के समर्थन में उतर गए। कोतवाली पहुंचे उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिलामंत्री टीना ने बताया कि लेखपाल को जबरदस्ती रिश्वतखोरी में फंसाया गया है। जिसको लेकर लेखपाल संघ के पदाधिकारी बैठक कर कड़ा निर्णय लेंगे।