सब्जियों पर महंगाई की मार, आलू भी 25 से पार
बड़ौत। अब सब्जियों के दाम भी आसमान छूने लगे हैं। आलू-टमाटर समेत हरी सब्जियों के दाम डेढ़ से दो गुना बढ़ जाने से गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों पर महंगाई की दोहरी मार पड़ी है। आम लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी आलू के बढ़े मूल्यों से हो रही है। दो सप्ताह में आलू के दामों में 10 से 12 रुपये की बढ़ोत्तरी हुई है। वहीं, हरी सब्जियां भी अब गरीबों की थाली से बाहर हो रहीं हैं।
ये बोले सब्जी विक्रेता-
सब्जी विक्रेता अनुज कश्यप ने बताया कि सब्जियों की मूल्य वृद्धि का कारण बारिश और बाढ़ है। बताया कि बड़ौत, बुढ़ाना, दिल्ली सहित अन्य मंडियों में महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान सहित अन्य राज्यों से सब्जियां आतीं हैं, लेकिन वहां पर बाढ़ के चलते कई जगह ट्रक फंसे हैं। इस वजह से पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है। हरी सब्जियों व आलू-टमाटर से गुजर-बसर करने वाले गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों की दिक्कतें बढ़ गईं हैं। उनकी थाली से अब सब्जियां भी बाहर होती दिख रहीं हैं। दो सप्ताह में हरी सब्जियां के दाम दो गुना तक बढ़ गए हैं। वहीं, आलू भी देखते-देखते 25-30 रुपये के पार हो गया है। बीते दिनों टमाटर के दामों में आई कमी से राहत महसूस कर रहे उपभोक्ताओं को एक बार फिर से टमाटर की बढ़ रही कीमतें सताने लगी हैं।
सब्जी 15 दिन पूर्व वर्तमान में दाम
आलू 15-18 25-30
टमाटर 20 40
लौकी 15 25
तोरी 20 45
प्याज 20 25
बैंगन 20 30
भिंडी 20 35
ये बोली ग्रहणियां
- रीजू का कहना है कि सरकार को महंगाई पर ध्यान देना चाहिए। क्योंकि आए दिन जहां रसोई गैस के दाम बढ़ने से रसोई का बजट बिगड़ गया था, अब खाद्य पदार्थों के अलावा सब्जी भी मंहगी हो गई है।
- अंजलि का कहना है कि सरकार को जनता का ध्यान रखते हुए मंहगाई पर तत्काल प्रभाव से अंकुश लगाना चाहिए। आज हर चीज आम आदमी से दूर होती जा रही है।