बागपत। मौसम में आए बदलाव से जहां लोगों की बुखार ने हालत खराब की हुई है। वहीं बुखार के बाद संक्रमण पीछा नहीं छोड़ रहा है। जिससे गला खराब होने के साथ ही लगातार खांसी की समस्या हो रही है। यही कारण है कि जिला अस्पताल में खांसी और गला खराब होने के मरीज बढ़ रहे है। चिकित्सकों का कहना है कि कुछ सावधानियां बरत कर इससे बचाव किया जा सकता है।
यहां पिछले कुछ समय से बुखार ने लोगों की हालत खराब की हुई है और परिवार में किसी एक सदस्य को बुखार होने पर अन्य भी इसकी चपेट में आते है। बच्चों को भी यह काफी चपेट में ले रहा है। बुखार का कारण मौसम में बदलाव व खानपान सही नहीं होना बताया जा रहा है। लेकिन बुखार के बाद जिस तरह की परेशानी लोगों को झेलनी पड़ रही है, उसने ज्यादा हालत खराब कर दी है। बुखार के बाद गले में संक्रमण ज्यादा परेशान कर रहा है जो बुखार ठीक होने के पंद्रह दिन बाद तक परेशान कर रहा है। जिला अस्पताल में जहां इस तरह के रोजाना लगभग सौ मरीज खांसी और गला खराब होने के पहुंचे रहे हैं तो आरोग्य मेले में इस तरह के 80 से ज्यादा मरीज आए। चिकित्सकों का कहना है कि बुखार के बाद गले में संक्रमण होने के कारण यह समस्या हो रही है। तापमान में अधिक अंतर होने के कारण लोग ठंडी चीजों का सेवन कर रहे हैं, जिससे इसके फैलने की आशंका रहती हैं। इससे घबराने की जगह चिकित्सक से उपचार कराने की सलाह दे रहे हैं।
ऐसे करें बचाव
- ठंडी चीजों से परहेज करें
- रात में सोते समय एसी का प्रयोग न करें।
- वायरल होने पर घर पर रहकर आराम करें
- घर से निकलने समय मास्क का प्रयोग करेें।
- भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचेंं।
- स्वच्छता का ध्यान रखें, आस-पास गंदगी न होने दें।
- संक्रमण होने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लें।
- हरी सब्जी और फलों का अधिक सेवन करें।
वर्जन.....
जिन लोगों को बुखार हो रहा है, उनका बुखार उतरने के बाद गले में संक्रमण की समस्या हो रही है। जिससे काफी दिनों तक खांसी और गले में खरास रहती है। ऐसे में बचाव काफी जरूरी है और ठंडा खाने-पीने से बचना चाहिए तो एसी का कम इस्तेमाल करना चाहिए। चिकित्सक की सलाह जरूर लें। डा. सुनील कुमार, नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ