बागपत। कलक्ट्रेट के पास औद्योगिक क्षेत्र में 23 साल बाद उद्यमियों को पानी मिलने की उम्मीद जगी है। वहां पानी की टंकी ठीक कराकर जल्द ही फैक्टरियों में कनेक्शन दिए जाएंगे। इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए जाएंगे तो सड़क निर्माण भी दोबारा से जल्द शुरू हो जाएगा।
औद्योगिक क्षेत्र के सभागार में शुक्रवार दोपहर को उद्योग बंधुओं की बैठक हुई। जिसमें डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह के सामने उद्यमियों ने पानी की आपूर्ति की समस्या उठाई। जहां कहा गया कि वर्ष 2001 में वहां टंकी बनाई गई थी और उससे अभी तक पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। जिस पर डीएम ने यूपीसीडा के अधिकारियों को टंकी जल्द ठीक कराकर पानी की आपूर्ति कराने के निर्देश दिए तो उद्यमियों ने सौ कनेक्शन का प्रस्ताव दिया। जिसको मुख्यालय भेजकर स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
औद्योगिक क्षेत्र में आपराधिक घटनाएं नहीं हो सकें और वहां नजर रखी जा सके, उसके लिए आठ सीसीटीवी कैमरे लगवाने का प्रस्ताव भी पास कर दिया गया। वहां जल्द ही कैमरे लगवा दिए जाएंगे तो वहां चल रहा सड़क निर्माण कार्य कई महीने से बंद पड़ा है। उसे भी सोमवार से शुरू कराने के लिए कहा गया है। वहां कहा गया कि बड़ौत में फैक्टरियों में चोरी की घटनाएं हुई थी, उनमें चोर पकड़े गए। लेकिन वहां सुरक्षा बढ़ाने की मांग की गई। जिसपर एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने वहां पुलिस बूथ शुरू कराने के लिए कहा और उसके लिए जमीन उद्यमी उपलब्ध कराएंगे।
वहीं गौरीपुर जवाहरनगर में उद्यमी की जमीन में लगा बिजली का खंभा स्थानांतरित कराने के लिए डीएम ने निर्देश दिए। बड़ौत के एक उद्यमी को 12 लाख रुपये का गलत बिजली बिल भेजने की शिकायत की गई, जिसको ठीक कराने का आश्वासन दिया गया। इस दौरान बागपत इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के महासचिव अश्वनी शर्मा, कोषाध्यक्ष लोकेश कुमार, लघु उद्योग भारती से बाबूराम शर्मा, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के कनवीनर योगेश जिंदल, शरद जैन आदि मौजूद रहे।
- श्रम विभाग के निरीक्षक को लगाई फटकार, कार्रवाई की चेतावनी
उद्यमियों ने बैठक में डीएम के सामने श्रम विभाग के निरीक्षक पर दबाव बनाने के लिए गलत नोटिस भेजने का आरोप लगाया। बताया कि नक्शा पास कराने पर उनसे श्रम विभाग के लिए भी फीस जमा कराई जाती है। उसके बाद भी नोटिस भेजकर परेशान किया जा रहा है और इस बारे में श्रम विभाग के अधिकारियों से बात करते हैं तो उनके साथ सही व्यवहार तक नहीं किया जाता है। इसपर डीएम ने श्रम विभाग वालों को फटकार लगाई और बिना जांच के नोटिस भेजने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
- उद्यमियों की समस्याओं का गंभीरता से जल्द निस्तारण करें
डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि निवेश मित्र पोर्टल पर आए मामलों की समीक्षा की गई, जिसमें कुल 2153 आवेदन पत्र प्राप्त हुए और उनमें 1903 स्वीकृत करने के साथ ही 143 आवेदन पत्र निरस्त हुए। उन्होंने कहा कि निवेश मित्र पोर्टल पर प्राप्त मामलों और उद्यमियों की शिकायतों का गंभीरता से जल्द निस्तारण किया जाए।