पंचकल्याणक महोत्सव में स्वर्ग में इंद्र और देव मनाते हैं खुशी
बड़ौत। उपाध्याय गुप्ति सागर महाराज ने कहा कि पंच कल्याणक महा महोत्सव में स्वर्ग में इंद्र और देव खुशियां मनाते हैं।
सोमवार को आयोजित धर्मसभा में गुप्ति सागर महाराज ने कहा कि तीर्थंकर बालक के जन्म होते ही स्वर्ग में इंद्र और देव खुशी मनाते हैं और कुबेर इंद्र रत्नों की वर्षा करते हैं। बहुत पुण्यशाली और भाग्यशाली होता है वो मनुष्य, जो सौधर्म इंद्र बनता है। 170 साल के पुण्य कर्म का अर्जन होता है। सौधर्म इंद्र को ही ऐसा अवसर व ऐसा पुण्यकर्म मिलता है कि वह सर्वप्रथम सुमेरु पर्वत पर ले जाकर अभिषेक करता है। इसीलिए ऐसे पुण्य कर्म करो कि आप भी सौधर्म इंद्र बन सको। चौरासी लाख योनियों में भटकने के बाद बहुत मुश्किल से ये मानव जीवन मिलता है, इसे व्यर्थ ना गवाओ। भगवान से ऐसी भावना करो कि आपके सद्कर्म का अनुसरण कर आपकी तरह मोक्षगामी बन जाऊं और इस जन्म मरण दुख से मुक्ति पा सकूं। धर्म सभा में सुखमाल चंद जैन, कमल आनंद, अमित, राज कुमार, वीरेंद्र, पिंटी गौरव, अजय, सुनील, सिद्धार्थ, आदिश, कृष्णा, अनिता, सुधा, अल्पना, पूजा, अंजू आदि श्रद्धालु रहे।