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Baghpat News: जिला जेल के बंदी बनाएंगे एलईडी बल्ब, दिया जा रहा है प्रशिक्षण, जिला जज ने कार्यशाला का किया उदघाटन, अधिकारियों ने जिला जेल का भी

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जिला कारागार में एलईडी बल्ब निर्माण कार्यशाला का फीता काटकर उदघाटन करते जिला जज संदीप पांडे - फोटो : KAHKRA
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जिला जज ने कार्यशाला का किया उद्घाटन, अधिकारियों ने जिला जेल का किया निरीक्षण
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संवाद न्यूज एजेंसी
खेकड़ा। क्षेत्र के ग्राम अब्दुलपुर स्थित जिला जेल में जिला जज ने एलईडी बल्ब बनाने की कार्यशाला का फीता काटकर शुभारंभ किया। जिला जज, डीएम और एसपी ने जेल में निरीक्षण के दौरान बैरकों को खंगलवाया। सीसीटीवी भी चेक किए। जेल अधीक्षक को सर्दी के मौसम के चलते सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक निर्देश दिए।
जिला जेल में 660 बंदियों की क्षमता है। फिलहाल जेल में करीब 900 बंदी बंद हैं। जेल में अब बंदियों को एलईडी बल्ब बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। मंगलवार को जिला जज संदीप पांडे, डीएम राजकमल यादव और एसपी नीरज कुमार जादौन के साथ जिला जेल का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने बंदियों की बैरकों की सघन तलाशी कराई। वहां लगे सीसीटीवी चेक किए। इस दौरान कोई प्रतिबंधित वस्तु नहीं मिली। भोजनशाला, अस्पताल, पेयजल और सफाई आदि व्यवस्थाएं देखीं।
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जेल अधीक्षक वीके मिश्रा को बंदियों को गुणवत्तापूर्ण भोजन और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के साथ ही सर्दी के मौसम में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने एलईडी बल्ब निर्माण कार्यशाला का शुभारंभ किया। जेल अधीक्षक वीके मिश्रा ने बताया कि बंदियों को कार्य सिखाने का उद्देश्य उनके समाज में वापस जाने पर अपना काम शुरू करने का है। जिससे वे अपराध की ओर दोबारा न जाएं।
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बताया कि जेल में बनने वाले एलईडी बल्ब की कीमत बहुत कम होगी। राष्ट्रीय पर्वो पर सरकारी कार्यालयों को लाइटों से सजाने में जेल में तैयार होने वाले एलईडी बल्ब ब्रिकी के लिए जाएंगे। ब्रिकी से मिलने वाला धन बंदियों को मजदूरी के तौर पर दिया जाएगा। इसका कुछ अंश जेल प्रशासन सामग्री मंगाने में भी खर्च करेगा। जिला जज संदीप पांडे ने कार्यशाला की प्रशंसा की। इस दौरान जेलर आकाश शर्मा समेत सभी बंदी रक्षक मौजूद रहे।
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