बागपत/बड़ौत। लद्दाख में ढाई घंटे तक बर्फ में दबे रहने के बाद मौत से जंग जीतकर घर लौटे काठा गांव के फौजी अनुज के सम्मान में लोगों ने पलक पांवड़े बिछा दिए। वह पूरी तरह से स्वस्थ होकर रविवार को अपने घर लौटे। अनुज के घर पहुंचते ही मां ने भी गले से लगा लिया।
काठा गांव के किसान हरवीर सिंह के बेटे अनुज चौधरी भारतीय सेना में सिपाही हैं। जिनकी ड्यूटी लद्दाख में चल रही है। अनुज फरवरी में अपने साथी जवानों के साथ पहाड़ी क्षेत्र से सामान लेकर नीचे आ रहे थे। चार जवान आगे चल रहे थे, जबकि अनुज पीछे थे। तभी बर्फ खिसकने से अनुज करीब छह फुट नीचे दब गए थे। जिनको साथियों ने कई घंटे की मशक्कत के बाद तलाश करके बाहर निकाला था। उनका शरीर पूरी तरह से ठंडा होकर अकड़ चुका था और वह किसी तरह उपचार के बाद मौत से जंग जीतकर दोबारा पूरी तरह स्वस्थ हो गए।
वह इस घटना के बाद रविवार को छुट्टी पर घर आए तो उनका जगह-जगह स्वागत किया गया। बड़ौत में पीएन शर्मा पार्क पर अनुज का एसडीएम सुभाष सिंह, गौरव बड़ौत, सुभाष शर्मा, राधेश्याम फौजी, अरविंद भोला, संदीप फौजी, शेखर सहित अन्य ने स्वागत किया। अनुज ने युवाओं को देश हित में काम करने व राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के अलावा देशभक्ति के लिए आगे आने का आह्वान किया।
- राष्ट्र वंदना चौक पर व्यापार मंडल ने किया स्वागत
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल बागपत के पदाधिकारियों ने रविवार को राष्ट्र वंदना चौक पर फौजी अनुज का स्वागत किया। वहां महामंत्री विक्की चौधरी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अभिषेक जैन, सूर्य प्रकाश चौहान, उपाध्यक्ष मुनीर खान, अजब सिंह गुर्जर, राहुल चौहान, नवीन कुमार, आकाश सेठी, नौशाद राणा ने फूल माला पहनाकर स्वागत किया।
- घर पहुंचते ही मां ने गले लगाया फौजी बेटा
अनुज के घर पहुंचते ही मां निर्मला देवी ने उनको गले से लगाते हुआ कहा कि उनका लाल लौटकर आ गया। उन्होंने कहा कि जब बेटे के बर्फ में दबने से बीमार होने का पता चला तो कई दिन तक नींद भी नहीं आई और उनको बेटे की चिंता रहती थी। पिता हरवीर सिंह के अलावा संगीता, कमला, रेखा भी अनुज को देखकर काफी खुश हुए।