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स्कूलों में कहीं बैठने के लिए कक्ष नहीं तो कहीं गंदगी के अंबार

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जर्जर हालत में कंडेरा का उच्च प्राथमिक विद्यालय - फोटो : BAGHPAT
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रमाला। सरकारी स्कूलों में छात्रों को बेहतर शिक्षा देने के लिए कायाकल्प कराया जा रहा है, मगर जिले में स्कूलों की हालत खराब है। भवन की कमी के कारण कहीं छात्रों को बैठने के लिए कमरे नहीं है तो कहीं गंदगी के अंबार लगे हुए हैं। स्कूल में शौचालय का दरवाजा टूटा पड़ा है।
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परिषदीय स्कूलों कायाकल्प के अंतर्गत विद्यालयों में 19 पैरामीटर जैसे अलग-अलग टॉयलेट, पेंटिंग, फर्नीचर, टाइल लगाने, पेयजल, बाउंड्रीवॉल, निर्माण कार्य, शुद्ध पेयजल और सफाई कराई जा रही है। इसके बावजूद अभी भी जिले में ऐसे स्कूल हैं, जहां सफाई न होने के कारण गंदगी के ढेर लगे रहते हैं। इस विद्यालय की बिल्डिंग को जर्जर घोषित किया जा चुका है। मगर भवन का न तो अभी तक ध्वस्तीकरण कराया गया गया है, जिससे निर्माण कार्य शुरू नहीं सका है।
तीन दिन में एक बार आता है सफाई कर्मी
कंडेरा में प्राथमिक विद्यालय नंबर दो व तीन का एक ही प्रांगण में संचालन किया जा रहा है। प्रधानाध्यापक जितेंद्र कुमार ने बताया कि स्कूल में नियमित सफाई न होने के कारण जगह-जगह कूड़ा पड़ा रहता है। सफाईकर्मी तीन दिन में एक बार आता है। असामाजिक तत्वों ने शौचालय का दरवाजा तोड़ दिया है। कई बार शिकायत की गई हैं लेकिन समाधान नहीं होता है।
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एक कक्ष में चल रहा कंपोजिट विद्यालय
-स्कूल के भवन का ध्वस्तीकरण कर निर्माण कराया जाना है। फिलहाल प्राथमिक विद्यालय में स्कूल का संचालन के लिए दो कमरे मिले हैं। एक कमरे में कार्यालय और एक में शिक्षण कराया जा रहा है। - रामअवतार शर्मा, प्रधानाध्यापक कंपोजिट विद्यालय कंडेरा

कंडेरा का उच्च प्राथमिक विद्यालय में लगा कूड़े का ढेर- फोटो : BAGHPAT

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