संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिले में सड़कों का दायरा नहीं बढ़ा तो लोनिवि कार्यालय बंद कर दिया है। निर्माण खंड कार्यालय बंद होने से प्रांतीय खंड कार्यालय पर पूरी जिम्मेदारी आ गई है। हालांकि लिपिक वर्ग को प्रांतीय कार्यालय से संबद्ध कर दिया था। वहीं, कई जूनियर इंजीनियर जुगाड़ कर दोबारा से बागपत से संबद्ध हो गए हैं।
बागपत को वर्ष 1997 में जिला बनाया गया था। इसके बाद यहां लोनिवि का प्रांतीय खंड कार्यालय शुरू किया गया। इसके कुछ साल बाद ही निर्माण खंड कार्यालय खोल दिया गया। इसे लोनिवि के गेस्ट हाउस के समीप शुरू किया गया था। इसमें सहायक अभियंता के साथ दो अवर अभियंता, लेखाधिकारी व लिपिक की तैनाती की गई थी। अब निर्माण खंड कार्यालय को यहां से बंद कर मेरठ स्थानांतरित कर दिया है। इसकी वजह बागपत में सड़कों का दायरा 1048 किमी होना है। जिसकी जिम्मेदारी एक ही खंड संभाल सकता है। इसलिए निर्माण खंड कार्यालय को बंद करना पड़ा है।
मेरठ गए जेई, जुगाड़ लगाकर लौट आए
यहां पंचायती राज विभाग में इंजीनियरों की कमी है। इसलिए लोनिवि के निर्माण खंड के जूनियर इंजीनियरों को गांवों की जिम्मेदारी मिली हुई थी। निर्माण खंड कार्यालय मेरठ जाने पर सहायक अभियंता, लेखाधिकारी, जूनियर इंजीनियर सभी मेरठ चले गए और लिपिक वर्ग को प्रांतीय खंड कार्यालय भेजा गया। वहीं, अब जूनियर इंजीनियर संबद्ध होकर लौट आए हैं। उनको छपरौली ब्लॉक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
यहां सड़कों की लंबाई को देखते हुए निर्माण खंड कार्यालय बंद कर मेरठ स्थानांतरित कर दिया है। लिपिक वर्ग को पहले ही प्रांतीय खंड कार्यालय से संबद्ध कर दिया था। अन्य सभी मेरठ कार्यालय में चले गए थे। उनमें से दो जूनियर इंजीनियर यहां संबद्ध हो गए हैं। उनकी तैनाती छपरौली ब्लॉक में हुई है।-अतुल कुमार, अधिशासी अभियंता लोनिवि