बड़ौत। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर शाम होते ही दिल्ली की ओर जाने वाली बसों के पहिया थम जाते हैं। जिस कारण मजबूरी में यात्रियों को या तो अपने निजी वाहनों से अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है या फिर डग्गामार वाहन में दोगुना किराया देकर जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है।
विभागीय रिकाॅर्ड के अनुसार बड़ौत डिपो के पास 62 निगम और 54 बसें अनुबंधित हैं। मगर, दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर अधिकांश बसों की सेवा आपको केवल दिन के समय ही मिल सकती हैं, क्योंकि शाम होते ही यहां बसें बंद हो जाती हैं।
इस कारण दिल्ली, खेकड़ा, लोनी, गाजियाबाद की ओर जाने वाले यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यह हाल तब है जब बागपत से दिल्ली मात्र 52 किमी दूर है। बहुत से लोग दिल्ली में नौकरियां करते हैं, लेकिन शाम के समय उन्हें परिवहन सेवाओं से वंचित रहना पड़ता है।
ये बोले यात्री
- किसी न किसी काम से सप्ताह में कम से कम दो बार दिल्ली जाना पड़ता है, लेकिन शाम के समय बसों के न मिलने पर दिक्कतें होती हैं, ऐसे में डग्गामार वाहनों में ही दोगुना किराया देकर सफर करना पड़ रहा है। - मोइन
- मैं लोनी में एक प्राइवेट कंपनी में काम करता है, सुबह के समय बसें तो मिल जाती है, लेकिन जब ड्यूटी पूरी कर घर लौटता हूं, तो बसें नहीं मिलती। ऐसे में या तो ट्रेन का सहारा लेना पड़ता है या फिर अन्य किसी वाहन का। - मोहित
- दिल्ली में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता हूं, रात्रि ड्यूटी रहती है, लेकिन कभी-कभार ही बड़ौत डिपो की बसें शाम सात बजे के बाद मिलती हैं, ऐसे में मजबूर बाइक या फिर किसी अन्य वाहन का सहारा लेना पड़ता है। - विकास
कोट...
- चुनाव ड्यूटी में 14 निगम की बसों को लगाया गया है, जिस कारण बसों का अभाव है। फिर भी यात्रियों को सुविधा दिलाए जाने का प्रयास किया जा रहा है। - नरेंद्र मान, बड़ौत डिपो बस संचालन प्रभारी