बागपत। विकास भवन सभागार में किसान बैठक में किसानों और भाकियू नेताओं ने डीएम के न आने पर हंगामा कर दिया। उन्होंने सितंबर माह में होने वाली किसान बैठक में डीएम के आने पर ही बैठक में शामिल होने की बात कही, नहीं हो बैठक का बहिष्कार करने की चेतावनी दी। बैठक में भाकियू कार्यकर्ताओं ने गन्ना बकाया भुगतान, रेलवे ओवरब्रिज का जल्द निर्माण कराने और सड़कों को गड्ढामुक्त कराने की मांग उठाई। उन्होंने बैठक में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बैठक में न पहुंचने पर सीडीओ ने डीसीओ का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
भाकियू नेताओं का कहना था कि बैठक में डीएम नहीं आते हैं। जुलाई में हुई किसान बैठक में भी डीएम नहीं आए थे और कई अधिकारी काफी देरी से पहुंचे थे। उन्होंने सितंबर माह में होने वाली किसान बैठक डीएम की अध्यक्षता में कराने की मांग की। चेतावनी दी कि अगर बैठक में डीएम नहीं आएंगे तो किसान बैठक का बहिष्कार कर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
बैठक में भाकियू कार्यकर्ताओं ने किसानों के बच्चों को पढ़ाई के लिए लोन दिलाने, गांवों की सड़कों को गड्ढा मुक्त कराने, रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण जल्द पूरा कराने, किसानों के गन्ना मूल्य बकाया का जल्द भुगतान कराने, गन्ना बकाया का भुगतान न होने तक बिजली बिल न लिए जाने, जर्जर लाइनों को बदलवाने की मांग उठाई। हरेंद्र दांगी ने मलकपुर चीनी मिल पर किसानों का बकाया मूल्य भुगतान न करने का आरोप लगाया। उन्होंने गन्ना बकाया का जल्द भुगतान न होने पर मिल पर ताला लगाने की चेतावनी दी।
जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर ने कहा कि ऊर्जा निगम अपनी मर्जी से कार्य करता है। ट्रांसफार्मर फुंकने के बाद बदलने में 15 दिन तक लग जाता है। इससे किसानों को दिक्कत उठानी पड़ रही है। मांगों को लेकर जल्द ही ऊर्जा निगम के कार्यालय पर धरना दिया जाएगा। उन्होंने किसान बैठक में न आने वाले अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर जेल भेजने की मांग की। इस दौरान हिम्मत सिंह, विनोद, नीरज ढाका, हरेंद्र दांगी, इंद्रपाल सिंह, विजयपाल, उपेंद्र चौधरी, बिजेंद्र प्रधान, अश्वनी सहित अन्य मौजूद रहे।
रेलवे ओवरब्रिज का कार्य जल्द पूरा नहीं हुआ तो होगा आंदोलन
भाकियू नेताओं ने कहा कि दो साल से बड़ौत में रेलवे ओवरब्रिज का कार्य चल रहा है और अभी तक कार्य पूरा नहीं हुआ है। एक साल में यह कार्य होना था, लेकिन रेलवे विभाग की लापरवाही से कार्य पूरा नहीं हो रहा है। उन्होंने जल्द निर्माण कार्य पूरा न होने पर भाकियू आंदोलन करने के लिए विवश होगी।
सीएम के आने और कांवड़ मेले में भर दिए जाते हैं गड्ढे
किसानों का कहना था कि काफी समय से बड़ौत से लौहड्डा तक नहर किनारे सड़क को गड्ढा मुक्त कराने की मांग की जा रही है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। जब मुख्यमंत्री आते है या फिर कांवड़ मेला शुरू होने पर सड़कोें के गड्ढे भर दिए गए। जिस पर पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी ने कहा कि सितंबर माह में बड़ौत से लौहड्डा तक निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इसके लिए चार करोड़ 75 लाख रुपये का बजट आ गया है। जल्द ही टेंडर छोड़कर निर्माण शुरु कराया जाएगा।