बागपत। जिला अस्पताल में आईसीयू वार्ड में स्टाफ की कमी के कारण इलाज की सुविधा नहीं मिल रही है और गंभीर मरीजों को हायर सेंटर के लिए रेफर करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में स्टाफ नर्स के 70 पद के सापेक्ष 14 नियमित नर्स हैं। विभाग की ओर से वार्ड शुरू करने के लिए कई बार डिमांड भेजी जा चुकी है।
गंभीर मरीजों को जिले में इलाज की सुविधा मिले इसके लिए जिला अस्पताल में आईसीयू वार्ड बनाकर बेड और वेंटिलेटर लगवाए थे। मगर स्टॉफ की नियुक्ति नहीं होने से वार्ड शुरू नहीं हो सका। इतना ही नहीं बेड और वेंटिलेटर धूल फांक रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि वार्ड शुरू करने के लिए कम से कम पांच स्टाफ नर्स की 24 घंटे जरूरत पड़ती है। फिलहाल अस्पताल में स्टाफ नर्स के 70 पद हैं और इनमें से सिर्फ 14 ही नियमित हैं, जिनकी ड्यूटी महिला अस्पताल में लगाई गई है। वार्ड शुरू करने के लिए कई बार शासन को स्टाफ नर्स की नियुक्ति के लिए पत्र भेजे जा चुके हैं, मगर समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
गंभीर मरीजों को रेफर करना मजबूरी
आईसीयू वार्ड शुरु न होने के कारण अस्पताल में आने वाले गंभीर मरीजों को रेफर करना विभाग की मजबूरी है। चिकित्सकों का कहना है कि स्टाफ की कमी के कारण गंभीर मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद मेरठ या दिल्ली के लिए रेफर करना पड़ता है।
अस्पताल में स्टाफ नर्स की कमी चल रही है। वार्ड और उपकरण होने के बावजूद स्टाफ नर्स की कमी के कारण आईसीयू वार्ड शुरू नहीं किया गया है। इस बारे में अधिकारियों और शासन को भी अवगत कराया जा चुका है। - डॉ. एसके चौधरी, सीएमएस