बागपत। सुन्हैड़ा गांव में दहेज के लिए विवाहिता की हत्या में पति व जेठ को दस साल व सास को सात साल की सजा सुनाई गई।
जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल नेहरा ने बताया कि गाजियाबाद के लोनी इंद्रापुरी के रहने वाले नत्थु पुत्र बशीर ने जुलाई 2006 में खेकड़ा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें बताया कि उसकी बेटी निशा की शादी वर्ष 2001 में सुन्हैड़ा निवासी दिलशाद के साथ हुई थी। आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज में एक लाख रुपये व एक बाइक की मांग करने लगे थे। दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर उसकी बेटी निशा की फांसी लगाकर हत्या कर दी।
जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि पुलिस ने पति दिलशाद, सास ज्ञानो, जेठ नवाब व सजाउ्ददीन के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। मुकदमे की सुनवाई पूरी होने पर सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव पांडेय ने पति दिलशाद, सजाउद्दीन को दस साल की सजा व सास ज्ञानों को सात साल की सजा सुनाई। इन पर पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया। इसके अतिरिक्त दहेज मांगने के मामले में एक दोषी नवाब को एक साल के कारावास की सजा सुनाई गई।