- किसानों की सिंचाई विभाग से फसल के मुआवजे की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
रमाला। बिजवाडा रजबहे की पटरी टूटने से रमाला गांव के किसानों की सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई। किसानों ने सूचना देकर पूर्वी यमुना नहर से पानी बंद कराया। किसानों ने कहना है कि एक सप्ताह में दूसरी बार नहर की पटरी टूटने से फसलों का नुकसान हुआ है। उन्होंने फसल के नुकसान के मुआवजे की मांग की है।
पूर्वी यमुना नहर से बिजवाडा रजबहा निकलता है। इस रजबहे से सैकड़ों किसान फसलों की सिंचाई करते हैं। एक सप्ताह पहले रमाला गांव के जंगल में रजबहा की पटरी टूट गई थी। जिससे किसानों की ज्वार, बाजरा और ईख की सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई थी। किसानों ने दोबारा से फसलों की बुआई करनी पड़ी थी। शुक्रवार रात में रजबाहे की फिर से पटरी टूट गई, जिससे फसल में पानी भरने से किसानों का लाखों रुपये का नुकसान हो गया। किसानों ने सुबह सिंचाई विभाग के जेई को रजबहा की पटरी टूटने की सूचना देकर पूर्वी यमुना नहर से पानी बंद कराया।
किसानों का कहना है कि पटरी की ठीक से मरम्मत न करने के कारण एक सप्ताह में दो बार टूट चुकी है। पहले भी रजबहे की पटरी के टूटने से काफी नुकसान हो चुका है। किसान रविंद्र, सुनील, रामकुमार, महक सिंह और जयकुमार ने बताया कि कई बार सिंचाई विभाग के अधिकारियों से पटरी ठीक कराने की मांग की जा चुकी है, मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई। किसानों ने सिंचाई विभाग से फसलों में हुए नुकसान के मुआवजे की मांग की है।