बागपत। जिले के एक मात्र राजकीय आईटीआई में शिक्षकों की कमी है। एक शिक्षक दो यूनिट की जिम्मेदारी संभाल रहे है। शिक्षकों की कमी के कारण छात्रों को रोजगार परक शिक्षा नहीं मिल रही है। हालात यह है कि 20 प्रतिशत छात्र पढ़ाई बीच में ही छोड़ दे रहे हैं।
जिले के राजकीय आईटीआई में 13 ट्रेड में 416 सीटें है, जिनमें 128 आरक्षित हैं। आईटीआई में 30 पदों के सापेक्ष 18 शिक्षक नियुक्त थे, इनमें से तीन का स्थानांतरण हो गया था। संस्थान में अब केवल 15 शिक्षक रह गए। शिक्षक कम होने के कारण एक शिक्षक पर दो यूनिट संभालने की जिम्मेदारी है। संस्थान की ओर से कई बार शासन को पत्र भेजकर शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की, मगर शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पाई। हाल यह है कि ये छात्र बीच में ही पढ़ाई छोड़ दे रहे हैं। हालांकि अधिकारियों को कहना है कि छात्र पढ़ाई के दौरान दूसरा कोर्स करने के चक्कर में बीच में पढ़ाई छोड़ देते हैं।
ट्रेड सीट
इलेक्ट्रीशियन 20
वेल्डर 40
फीटर 20
कंप्यूटर ऑपरेटर 40
फैशन डिजाइनिंग 40
रेफ्रिजरेटर व एयर कंडीशन 40
ड्रेस मेकिंग 40
ब्यूटीशियन 40
ट्रांसमैन 20
मैकेनिकल 36
इंफॉरमेशन कम्यूनिकेशन टेक्रोलॉजी 20
प्लंबर 40
इलेक्ट्रोनिक मैकेनिकल 20
संस्थान में शिक्षकों की कमी है, इसके बावजूद प्रशिक्षुओं को बेहतर शिक्षण व्यवस्था उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। कुछ छात्रों का प्रवेश के बाद दूसरे कोर्स की ओर रुझान बढ़ जाता है, जिसके कारण ऐसे छात्र अन्य कोर्स करने के चक्कर में बीच में पढ़ाई छोड़कर चले जाते है। शासन स्तर से संस्थान में संविदा पर शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। - नीरज कुमार, प्राचार्य राजकीय आईटीआई