बजट के अभाव में लटक गया छात्रावास का निर्माण
बड़ौत। जिले के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में शिक्षा प्राप्त कर रहीं छात्राओं की आगे की पढ़ाई के लिए बड़ौत व छपरौली में बनाए जा रहे दोनों छात्रावासों का निर्माण बजट के अभाव में अधर में लटक गया है। अभी तक 40 फीसदी भी निर्माण कार्य नहीं हो सका है।
बड़ौत व छपरौली स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं के लिए नि:शुल्क शिक्षा के साथ, उनके लिए आवास और भोजन आदि की सरकार की ओर से व्यवस्था की जाती है। अभी तक कक्षा आठवीं पास करने के बाद छात्राएं अपने घर लौट जातीं हैं। अधिकांश छात्राओं की आगे की पढ़ाई छूट जाती है। लेकिन अब सरकार ने ऐसी छात्राओं को 12वीं तक की पढ़ाई कराने के लिए उन्हें छात्रावास की सुविधा देने का निर्णय लिया था। दिसंबर 2021 में बड़ौत व छपरौली के छात्रावास बनाने का कार्य शुरू हुआ था। एक छात्रावास के निर्माण में लगभग 1.30 करोड़ की धनराशि खर्च होगी।
अभी तक 30 प्रतिशत मिली धनराशि
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की वार्डन मधु त्यागी व छात्रावासों का निर्माण कराने वाले ठेकेदार नवनीत ने बताया कि एक छात्रावास पर लगभग 1.30 करोड़ की लागत आएगी, अभी तक मात्र 30 फीसदी ही धनराशि मिल सकी हैै। बजट मांगा गया है, फिलहाल बजट के अभाव में छात्रावासों का निर्माण कार्य लगभग बंद की स्थिति में है।
ये बोली जिला समन्वयक बालिका शिक्षा
जिला समन्वयक बालिका शिक्षा संगीता शर्मा ने बताया कि बड़ौत और छपरौली में छात्रावास का निर्माण हो रहा है। इनके निर्माण होने से कस्तूरबा से आठवीं कक्षा पास करने वाली छात्राओं को लाभ मिलेगा। विद्यालय में कक्षा आठ की उत्तीर्ण छात्राओं के प्रवेश के बाद रिक्त सीटों पर विकास खंड क्षेत्र की बीपीएल, अंत्योदय परिवारों के बेटियों को कक्षा नौ में प्रवेश में वरीयता दी जाएगी। माध्यमिक शिक्षा के लिए कक्षाओं में 100-100 सीटें निर्धारित की गई हैं।