बागपत। हेपेटाइटिस बी बड़ा गंभीर संक्रमण है। इसका वायरस लीवर को नुकसान पहुंचाता है। हेपेटाइटिस बी होने पर संक्रमित व्यक्ति को पेट में दर्द, बुखार, जोड़ों में दर्द, भूख में कमी, उलटी और शरीर में कमजोरी महसूस होती है। समय पर उपचार न कराने पर बीमारी घातक साबित होती है।
नोडल अधिकारी डॉ़ दीपक कुमार ने बताया कि हेपेटाइटिस बी वायरस के कारण होता है। वायरस खून, वीर्य या शरीर के दूसरे तरल पदार्थों के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। यह बीमारी छींकने या किसी के सामने खांसने से नहीं फैलती है। इसके अलावा संक्रमित व्यक्ति के साथ असुरक्षित यौन संबंध बनाने, संक्रमित रक्त से, दूषित सुई या सीरींज का प्रयोग करने, गर्भवती महिला से नवजात बच्चे को बीमारी का खतरा रहता है। जिले में फिलहाल 49 मरीजों का इलाज चल रहा है। इनमें हेपेटाइटस बी के चार और हेपेटाइटस सी के 45 मरीज शामिल हैं।
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हेपेटाइटिस के लक्षण
-बुखार, भूख कम लगना, जी मिचलाना
-उल्टी, बदन दर्द होना, पैरों में सूजन बढ़ना
-बदन में खुजली, पेट खराब होना
-आंखों में पीलापन, पेशाब का रंग पीला होना
-जोड़ों में भी दर्द रहना, चिड़चिड़ापन होना
ऐसे करें बचाव
घाव को खुला न छोड़ें
-त्वचा कट-फट जाने पर डिटॉल से साफ करें
-शराब का सेवन ना करें
-टूथब्रश, रेजर, सुईं, सीरींज, कैंची को एक-दूसरे से शेयर न करें