बागपत। जिले में हृदय रोग विशेषज्ञ तैनात नहीं है, जिससे दिल के मरीजों को इलाज के लिए दूसरे जिले और राज्यों में में दौड़ लगानी पड़ती है। जिला अस्पताल में भर्ती होने वाले हृदय के मरीजों को मेरठ या दिल्ली के लिए रेफर कर दिया जाता है।
चिकित्सकों का कहना है कि अव्यवस्थित दिनचर्या, तनाव, गलत खानपान, प्रदूषण और धूम्रपान से हृदय का रोग बढ़ता है। मधुमेह व उच्च रक्तचाप जैसी समस्याओं से भी हृदय रोग होने का खतरा बढ़ जाता है। गलत खानपान और तनाव के कारण कम उम्र में हृदय से जुड़ी समस्याएं हो रही हैं। हृदय रोगों का तेजी से बढ़ने और इससे होने वाली मौतों के आंकड़ों पर नजर डाले तो प्रतिवर्ष 30 से 36 फीसदी मौतों का कारण हार्ट अटैक है।
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खून गाढ़ा होने पर भी बढ़ जाता है खतरा
चिकित्सकों का कहना है कि खून गाढ़ा होने पर हार्ट अटैक का खतरा बढ़ ताजा है। खून गाढ़ा होने पर दिन की धमनियों में खून का थक्का जम जाता है, जिससे दिल को अधिक प्रेशर लगाना पड़ता है और सीने में दर्द शुरू हो जाता है।
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हल्के में न ले सीने का दर्द
चिकित्सकों का कहना है कि कुछ लोग सीने में होने वाले हल्के दर्द को एसिडिटी का दर्द समझकर इसकी परवाह नहीं करते है, जो भविष्य में उनके लिए घातक साबित हो सकता है। एसिडिटी में सीने में दर्द होगा, जलन होगी। लेकिन धड़कन में ज्यादा अंतर नहीं होगा और उल्टी भी नहीं होती है। जबकि हार्टअटैक आने पर सीने में तेज दर्द धीरे-धीरे बढ़ता है। इसके अलावा जबड़े में दर्द और सीने में जलन होती है। पसीना आने के साथ सांस फूलती है। धड़कन तेज हो जाती है और उल्टी आती है।
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ऐसे रखें दिल का ख्याल
- प्रतिदिन नियमित व्यायाम करें।
- सुबह और शाम के समय पैदल चलें।
- भोजन में नमक और वसा की मात्रा कम कर लें।
- ताजे फल और सब्जियां का अधिक सेवन करें।
- तनाव अधिक होने पर योगा व ध्यान से नियंत्रण करें।
- धूम्रपान व तंबाकू का सेवन ना करें और पूरी नींद लें।
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कोट...
- जिले में कार्डियोलॉजिस्ट नहीं है, जिसके कारण दिल की बीमारी बढने पर मरीजों को मेरठ, गाजियाबाद या दिल्ली के लिए रेफर करना पड़ता है। शासन से जिले में ह्दय रोग विशेषज्ञ की मांग की गई है। - डॉ दिनेश कुमार, सीएमओ
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