बागपत। जिले में पिछली बार डेंगू ने कहर बरपाया था और इस बार भी मलेरिया के मामले सामने आने लगे हैं। इसके बावजूद मलेरिया विभाग ने अभी तक किसी भी गांव व नगर निकाय क्षेत्र में फॉगिंग या एंटी लार्वा का छिड़काव नहीं कराया है। मलेरिया विभाग के अधिकारी इसके लिए ग्राम पंचायतों व नगर निकायों की जिम्मेदारी बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं। इस तरह मलेरिया विभाग में जितने भी संसाधन हैं, वह भी इस्तेमाल नहीं किए जा रहे हैं। हालांकि बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए नियमित अभियान चलाने का दावा कर रहे हैं।
जिले में वर्ष 2021 में 355 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई थी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रत्येक ब्लॉक में दो-दो गांवों के अलावा बागपत व बड़ौत नगर क्षेत्र में एक-एक संवेदनशील स्थान चिह्नित किए थे।
मौसम में बदलाव आने पर जिले में वायरल का प्रकोप बढ़ रहा है और चार लोगों में मलेरिया की पुष्टि भी हो चुकी है। मगर अभी तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले की किसी भी ग्राम पंचायत व नगर निकाय में फॉगिंग या एंटी लार्वा का छिड़काव नहीं कराया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गांवों में ग्राम प्रधान और नगर निकायों में दवा का छिड़काव कराने की जिम्मेदारी ईओ व नगर स्वास्थ्य अधिकारी की है। विभाग की ओर से मांग के आधार पर दवाई उपलब्ध कराई जाती है।
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संसाधन भी पूरे नहीं
मलेरिया विभाग में चार फॉगिंग मशीन, एक गाड़ी, दो एएमओ, दो एमआई, दो फील्ड ऑफिसर हैं। इनके अलावा सभी नगर पालिका व पंचायत कार्यालय में अपनी फॉगिंग मशीन है, तो 100 से ज्यादा गांवों में फॉगिंग मशीन पिछले साल ही खरीदी गई थीं। इस तरह से संसाधन भी पूरे नहीं हैं।
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इन दवा का किया जाता है छिड़काव
स्वास्थ्य विभाग की ओर से अल्फासायपर मेथ्रिन से फॉगिंग और एंटी लार्वा के लिए टेमीफोस ग्रेन्युलस का छिड़काव कराया जाता है। मलेरिया और डेंगू का मुख्य कारण गंदगी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फॉगिंग से मच्छर मरता नहीं है, बल्कि बेहोश होता है। बीमारी से बचाव के लिए स्वच्छता और जागरूकता ही उपाय है।
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नियमित चलाया जाता है जागरूकता अभियान
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विभाग की ओर से मलेरिया और डेंगू की रोकथाम के लिए नियमित अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाता है। आशा घर-घर जाकर सर्वे करती हैं और बुखार से पीड़ित व्यक्तियों की स्लाइड तैयार कर विभाग को सूचना देती हैं। मरीज में बीमारी की पुष्टि होने पर उसका उपचार कराया जाता है और उस क्षेत्र में दवा का छिड़काव कराया जाता है।
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नालों की सफाई और कूड़ा निस्तारण के लिए लिखा पत्र
मलेरिया और डेंगू की बीमारी फैलने का सबसे बड़ा कारण नालों की सफाई और कूड़े का निस्तारण न होना है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि विभाग की ओर से सभी नगरपालिका, नगर पंचायत और ग्राम प्रधानों को पानी की निकासी के लिए नालों की सफाई और कूड़ा निस्तारण के लिए पत्र जारी किए गए है।
कोट...
- गांवों में ग्राम प्रधान व नगर निकायों में ईओ की दवाई का छिड़काव करने की जिम्मेदारी है। मांग के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से दवा का उपलब्ध कराई जाती है। मरीज मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच के बाद दवाई का छिड़काव कराया जाता है। - डॉ. सुरुचि शर्मा, जिला मलेरिया अधिकारी
- नगर पालिका में शेड्यूल बनाकर मोहल्लों में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जाता है, मच्छर जनित रोगों से बचाव के लिए नगर पालिकाओं को दवाई का छिड़काव कराने के निर्देश दिए गए है। - डॉ. अजेंद्र मलिक, नगर स्वास्थ्य अधिकारी