बागपत। स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को भी उपचार देने के लिए आरोग्य मेले जरूर लगाए जा रहे हैं लेकिन मरीजों की परेशानी कम नहीं हो रही है। हालात यह है कि स्वास्थ्य केंद्रों पर दस बजे के बाद भी ताला लटका रहता है और उसके बाद चिकित्सक भी समय पर नहीं पहुंचते।
जिले में तीन नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों और 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आरोग्य मेला लगाया गया। इस समय बीमारियों के बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी ज्यादा बढ़ जाती है कि वह मरीजों को बेहतर उपचार दे। लेकिन कई ऐसे केंद्र थे, जिनका दस बजे तक भी ताला नहीं खुला था। दस बजे के बाद ताला खोला गया तो वहां चिकित्सक आराम से पहुंचे जबकि घंटों से मरीज उपचार के लिए चिकित्सकों का उपचार कर रहे थे।
ताला खुला, फिर भी उपचार का इंतजार रहा
अग्रवाल मंडी टटीरी में दस बजे तक ताला लटका रहा तो अमीनगर सराय भी ताला नहीं खुल सका। बागपत में आरोग्य मेले के लिए अर्बन पीएचसी का ताला दस बजे खोला जरूर गया, लेकिन चिकित्सक फिर भी देरी से पहुंचे। दाहा भी दस बजे के बाद ही आरोग्य मेला शुरू हुआ।
नौ बजे आए तो ताला बंद देख वापस चले गए
माता कालोनी की जैतून ने बताया कि उसके साथ ही दोनों पोते कई दिन से बुखार से पीडि़त है। वह करीब नौ बजे पहुंची तो केंद्र बंद मिलने पर वापस चली गई। उसके बाद साढ़े नौ बजे आई, लेकिन तब भी केंद्र बंद मिला तो बैठकर इंतजार करने लगी। पांडव रोड के रहने वाले सतीश कुमार ने बताया कि वह बुखार से पीडि़त है और उपचार कराने के लिए दस बजे पहुंचा। उसके बावजूद उसे चिकित्सक नहीं मिले तो वहां बैठना पड़ा।
बुखार के कारण दोगुने हो गए मरीज
यहां बुखार का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। यही कारण है कि आरोग्य मेलों में मरीज दोगुने हो गए है। जहां दो सप्ताह पहले आरोग्य मेले में करीब 850 मरीज पहुंचे थे और उनका उपचार किया गया था। वहीं इस बार 1744 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। इनमें से 200 से ज्यादा मरीज बुखार के बताए गए।
आरोग्य मेलों का मैं खुद निरीक्षण करता हूं। अगर किसी जगह समय पर मेला शुरू नहीं हो रहा है तो उसका पता कराकर कार्रवाई की जाएगी। डा. महावीर सिंह, सीएमओ