लगभग एक माह पूर्व हार्ट अटैक आने से देवेंद्र की मौत हो गई। अभी इस गम से परिवार उभरा भी नहीं था कि उनके दूसरे बेटे प्रवीण हादसे में मौत हो गई। एक माह के अंदर दो मौत हो जाने से पूरा परिवार अंदर से टूट गया।
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जिस उम्र में हरिकिशन की सेवा होनी चाहिए थी, अब बेटों की अर्थियों को कंधा देने के बाद हरिकिशन के कंधे झुक गए। उधर परिवार में मृतक देवेंद्र की बेटी व मृतक प्रवीण के दोनों लड़कों के अलावा विधवा पत्नियां व बूढे़ बाप का रोते हुए बुरा हाल हो रहा था।
ऐसा ही हाल इस गांव के बुजुर्ग भंवर के परिवार का भी था। कुछ साल पहले भंवर सिंह की पुत्रवधू का बीमारी के चलते निधन हो गया था। अब पुत्र प्रदीप उर्फ सतीश की मौत से पूरा परिवार टूट गया। प्रदीप की मौत से दो पुत्रों, एक पुत्री, भाई अभिमन्यु, बालेश्वर व पिता भंवर सिंह का रोते हुए बुरा हाल हो रहा था।